01.05.2016 ►Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt ►News

Posted: 01.05.2016
Updated on: 05.01.2017

Update

Guru vidyasagar vidyasagar bolo barambar.. Guru vidyasagar vidyasagar jappo barambar.. VidyasagarJi ki lahr se mit jaate mano vikar..

😀 I was just trying to collect data what world search about Jains and got this interesting figure.. crux is we have trio-combo of health, wealth and intelligence;)) 😀😀

#UPDATE भावों से निर्धन व्यक्ति भी बड़ा हो जाता: आचार्यश्री #Latest

जिले के प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र कुंडलपुर में आगामी 4 से 9 जून को आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के मंगल सानिध्य महामस्तकाभिषेक महोत्सव की व्यापक तैयारियां को लेकर शनिवार को मप्र एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले एवं तहसील के प्रतिनिधियों का सम्मेलन आयोजन हुआ। कार्यक्रम के आरंभ में बड़े बाबा एवं आचार्य ज्ञानसागर के चित्र का अनावरण किया गया।

इस मौके पर आचार्यश्री विद्यासागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि बड़े बाबा का सर्वोच्च न्यायालय है, यहां कुछ बच नहीं सकता। भावों का खेल है द्रव्य का नहीं। धन साथ नहीं जाएगा। भावों के द्वारा निर्धन व्यक्ति भी बड़ा हो जाता है। धार्मिक अनुष्ठान में बड़ों को आगे करते हैं, लेकिन धार्मिक क्षेत्र में बड़ा और छोटा कोई नहीं होता। भाग्योदय तीर्थ सागर में एक बुढिय़ा मेरे समीप एक थैला चना लेकर आई और उसने चना दान करने की भावना रखी। दान छोटा बड़ा नहीं होता, भावना बड़ी होती है। इस तरह दान का मोल नहीं है।
आचार्यश्री ने कहा कि बड़े बाबा के दरबार में अधिकार की नहीं सेवा की बात है। वीतराग मार्ग पर चलना अहो भाग्य है। भावों के माध्यम से अपने आप को ऊपर उठाइए। बड़े बाबा के दरबार में जो दान देकर खाली होता जाता है, वह ऊपर उठता जाता है। जो पैसे वाले होते हैं वे सिर्फ दवाइयों का स्वाद ही ले पाते हैं और गम खाते रहते हैं। धार्मिक अनुष्ठान करते रहना चाहिए। धर्म अनुपम सुख देना वाला है।
आचार्यश्री ने आगे कहा कि महोत्सव में गर्मी जरूर होगी, लेकिन अभिषेक के लिए क्षीर सागर का जल शीतल होता है। बड़े बाबा के दरबार में वीतराग वैभव है। यहां मांगा नहीं जाता अपने आप आता है। बड़े बाबा को शिखर पर विराजमान करना हमारा अहो भाग्य है, जो दिन का सपना था वह साकार हो रहा है। जब बड़े बाबा के मंदिर पर शिखर और कलश होगा। वो देवी देवताओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। बड़े बाबा की प्रतिमा अतिप्राचीन है इसे सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है।

आचार्यश्री ने कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को महोत्सव में अपना भागीदारी करना चाहिए। यहां तक कि जो अजन्मा है। मां के पेट में है, उसके नाम से भी कलश लिया जा सकता है। यह बालक का पुण्य है। इस अवसर पर मप्र और छग के प्रतिनिधियों नेे महोत्सव में अपने नगर और गांव में सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।

एक रिपोर्ट अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी

1 मई से 15 मई तक कोल्ड ड्रिंक का बहिष्कार किया जायेगा। इस दौरान केवल भारतीय पेय पदार्थो का ही सेवन करे। सन्देश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाए । अगर आने वाली पीढ़ियों को बचाना है तो शुरुआत भी हमें ही करनी होगी, इस सुचना को जन जन तक फैलाये।
सोच को बदलो जिंदगी जीने का नजरिया बदल जायेगा
#Trending #बदलोरे #badlore
#saynotocoldrink
#Bansoftdrink #bancolddrink

News in Hindi

बस यही कहूंगा की, इस प्रचण्ड गर्मी में रिक्शे वालों से ज्यादा मोल भाव मत करिये. इस 42 से 48 डिग्री तापमान में सड़कें जल रहीं हैं, गर्म हवा और लूह से हाल बेहाल है. वहीं कुछ लोग हैं जो बिना धूप-छाँव की परवाह किये सड़क पर अपने काम में लगे हैं… maximum share please.

धूप में जल रहे हैं… कन्धे पर फटा गमछा.. और पैरों में टूटी चप्पल पहने धीरे से पूछ रहे..”कहाँ चलना है भइया..आईपी मॉल.”?
आइये तीस रुपया ही दिजियेगा।”

इसी बीच कोई आईफोन धारी आता है अपने ब्युटीफुल गरलफ्रेंड के साथ..और अकड़ के कहता है..”अरे..हम जनवरी में आये थे तब बीस रुपया दिए थे बे….कइसे तीस रुपया होगा”

चलो पच्चीस लेना”, गर्लफ्रेंड मुस्कराती है.. मानों उनके ब्वायफ़्रेंड जी ने 5 रुपया नहीं 5 करोड़ डूबने से बचा लिया हो.. वो हाथ पकड़ के रिक्शे पर बैठतीं हैं..और बहुत ही प्राउड फील करती हैं…

यही ब्वायफ़्रेंड जी जब केएफसी, मैकडोनाल्ड और पिज़्ज़ा हट में उसी गर्लफ्रेंड के साथ कोल्ड काफी पीने जाते हैं तो बैरा को 50 रुपया एक्स्ट्रा देकर चले आते हैं..
वही गर्लफ्रेंड जी अपने बवायफ्रेंड जी की इस उदारता पर मुग्ध हो जातीं हैं… वाह.. कितना इंटेलिजेंट हैं न

इस गर्मी में कई बार ये सब सोचकर मैं असहिष्णु होने लगता हूँ..
आदमी कितनी बारीक चीजें इग्नोर कर देता है..जाहिर सी बात है की जो बैरा को पचास दे सकता है वो किसी गरीब बुजुर्ग रिक्शे वाले को दस रुपया अधिक भी तो दे सकता है..
लेकिन सामन्यतया आदमी का स्वभाव इतना लचीला नहीं हो पाता..

क्योंकि अपने आप को दूसरे की जगह रखकर किसी चीज को देखने की कला हमें कभी नहीँ सिखाई गयी।
और आज सलेक्टिव संवेदनशीलता के दौर में ये सब सोचने की फुर्सत किसे है.

कई बातें हैं…बस यही कहूंगा की..इस प्रचण्ड गर्मी में रिक्शे वालों से ज्यादा मोल भाव मत करिये..
जब बैरा को पचास देने से आप गरीब नहीं होते तो रिक्शे वाले को पांच रुपया अधिक देने से आप गरीब नहीं हो जायेंगे..

हो सकता है..आपके इस पैसे से वो आज अपनी चार साल की बेटी के लिये चॉकलेट लेकर जाए… तब बाप-बेटी की ख़ुशी देखने लायक होगी न। कल्पना करियेगा जरा।

जरा सडक़ों पर आइए..एक दिन पेप्सी-कोक मत पीजिये… मत जाइये. केएफसी, मैकडोनाल्ड और पिज्जा हट।
देखिये न कोई गाजीपुर का लल्लन, कोई बलिया का मुनेसर, कोई सीवान का खेदन..अपना घर-दुआर छोड़ बेल का शरबत, दही की लस्सी, आम का पन्ना, और सतुई बेच रहा है.. एक सेल्फ़ी उस लस्सी वाले के साथ भी तो लिजिये।
जरा झांकिए इनकी आँखों में एक बार गौर से…
इसके पीछे..इनकी माँ बहन बेटा बेटी की हजारों उम्मीदें आपको उम्मीद से घूरती मिलेंगी..

केएफसी, कोक और मैकडोनाल्ड का पैसा पता न कहाँ जाता होगा.. लेकिन आपके इस बीस रुपया के लस्सी से, दस रुपया के बेल के शरबत से, 5 रुपये के नींबू पानी से किसी खेदन का तीन साल का बबलुआ इस साल पहली बार स्कूल जाएगा.
किसी मुनेसर के बहन की अगले लगन में शादी होगी.
किसी खेदन की मेहरारू कई साल बाद अपने लिए नया पायल खरीदेगी..

क्या है की हम आज तक लेने का ही सुख जान पाएं हैं..खाने का ही सुख महसूस कर पाये हैं.
लेकिन इतना जानिये की लेने से ज्यादा देने में आनंद है।
खाने से ज्यादा खिलाने में सुख है।
इतनी गर्मी में इतनी सी संवेदना बची रहे..
हम आदमी बने रहेंगे।
-अतुल कुमार राय

#UPDATE #kundalpur:)) कल सकल दिगम्वर जैन समाज जरूवाखेडा ने कुडलपुर पहुँच कर गुरुदेव के दर्शन कर आशीर्वाद लिया एवं जरूबाखेडा मे हथकरघा खुलवाने का गुरुदेव से निवेदन किया कि जरूवाखेडा मे हथकरघा खोलना चाहिये👇🏼 (info with pic by Mr. Brajesh Jain -big thanks him:))

#UPDATE भावों से निर्धन व्यक्ति भी बड़ा हो जाता: आचार्यश्री #Latest

जिले के प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र कुंडलपुर में आगामी 4 से 9 जून को आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के मंगल सानिध्य महामस्तकाभिषेक महोत्सव की व्यापक तैयारियां को लेकर शनिवार को मप्र एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले एवं तहसील के प्रतिनिधियों का सम्मेलन आयोजन हुआ। कार्यक्रम के आरंभ में बड़े बाबा एवं आचार्य ज्ञानसागर के चित्र का अनावरण किया गया।

इस मौके पर आचार्यश्री विद्यासागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि बड़े बाबा का सर्वोच्च न्यायालय है, यहां कुछ बच नहीं सकता। भावों का खेल है द्रव्य का नहीं। धन साथ नहीं जाएगा। भावों के द्वारा निर्धन व्यक्ति भी बड़ा हो जाता है। धार्मिक अनुष्ठान में बड़ों को आगे करते हैं, लेकिन धार्मिक क्षेत्र में बड़ा और छोटा कोई नहीं होता। भाग्योदय तीर्थ सागर में एक बुढिय़ा मेरे समीप एक थैला चना लेकर आई और उसने चना दान करने की भावना रखी। दान छोटा बड़ा नहीं होता, भावना बड़ी होती है। इस तरह दान का मोल नहीं है।
आचार्यश्री ने कहा कि बड़े बाबा के दरबार में अधिकार की नहीं सेवा की बात है। वीतराग मार्ग पर चलना अहो भाग्य है। भावों के माध्यम से अपने आप को ऊपर उठाइए। बड़े बाबा के दरबार में जो दान देकर खाली होता जाता है, वह ऊपर उठता जाता है। जो पैसे वाले होते हैं वे सिर्फ दवाइयों का स्वाद ही ले पाते हैं और गम खाते रहते हैं। धार्मिक अनुष्ठान करते रहना चाहिए। धर्म अनुपम सुख देना वाला है।
आचार्यश्री ने आगे कहा कि महोत्सव में गर्मी जरूर होगी, लेकिन अभिषेक के लिए क्षीर सागर का जल शीतल होता है। बड़े बाबा के दरबार में वीतराग वैभव है। यहां मांगा नहीं जाता अपने आप आता है। बड़े बाबा को शिखर पर विराजमान करना हमारा अहो भाग्य है, जो दिन का सपना था वह साकार हो रहा है। जब बड़े बाबा के मंदिर पर शिखर और कलश होगा। वो देवी देवताओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। बड़े बाबा की प्रतिमा अतिप्राचीन है इसे सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है।

आचार्यश्री ने कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को महोत्सव में अपना भागीदारी करना चाहिए। यहां तक कि जो अजन्मा है। मां के पेट में है, उसके नाम से भी कलश लिया जा सकता है। यह बालक का पुण्य है। इस अवसर पर मप्र और छग के प्रतिनिधियों नेे महोत्सव में अपने नगर और गांव में सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।

एक रिपोर्ट अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी

ये तस्वीर भी कुछ कहती है __

प्यास बुझानी है तो उड़ जा पंछी शहर की सरहदों से दूर,
यहाँ तो तेरे हिस्से का पानी भी प्लास्टिक की बोतलों में बंद है.
#Water
#savewater

Acharya SunilSagar Ji (shishay -tapasvi samrat ach. sanmatisagar Ji)

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