31.05.2016 ►Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt ►News

Posted: 31.05.2016
Updated on: 05.01.2017

Update

आफ़्टर केशलुँचन पिक्चर टुडे:)

आचार्य श्री 2016 का चातुर्मास कहा होगा? क्या कहते हैं आप;)

❖ चरण नहीं, आचरण छुए ❖ -अध्यात्म सरोवर के राजहंस www.jinvaani.org

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❖ आर्य या म्लेच्छ... मुनि कुन्थुसागर [ आचार्य विद्यासागर जी की जीवन से जुडी घटनाएं व् कहानिया ] ❖ @ www.facebook.com/VidyasagarGmuniraaj

जो संसार से डरते हैं वे आर्य हैं. जो आरंभ परिग्रह के कार्यों से बचाते हैं वे आर्य हैं. गुण और गुणवानों से जो सेवित हैं वे आर्य कहलाते हैं. यहाँ गुण का अर्थ सम्यग्दर्शनादि गुणों से है. जो धर्म क्रियाओं से रहित हैं वे म्लेच्छ हैं. पाप क्षेत्र में जन्म लेने वाले म्लेच्छ कहलातें हैं. हम सभी का सौभाग्य है कि हम लोग आर्य खंड में उत्पन्न हुए वरना धर्म कर्म से शून्य बने रहते. इसलिए कहा भी है - "उत्तम देश सुसंगति दुर्लभ, श्रावक कुल पाना". संसार में उत्तम देश में उत्पन्न होना और सुसंगति मिलना बहुत ही दुर्लभ है.

एक दिन आचार्य श्री १०८ विद्यासागर महाराज जी के पास आसाम से एक सज्जन आये. और बोले कि - महाराज! हम आसाम में रहतें है, वहां तो म्लेच्छ खंड जैसा है. क्या करें? पिताजी लोग वहां जाकर बस गये. वहाँ बाजार से निकलते है तो मांसाहार की ही दुकानें लगी रहती हैं. वहाँ हम लोग मंदिर बनाये हैं, रात्रि भोजन त्याग है, लेकिन शांति नहीं मिलती. वहाँ लूटमार ही लूटमार चलती रहती है.

आचार्य भगवान ने कहा - उत्तम देश, क्षेत्र का मिलना दुर्लभ है, साधुओं का समागम दुर्लभ है. वहाँ पैसा अधिक कमा सकते हो लेकिन धर्म संस्कार के बारे में शुन्यता है, ऐसे स्थानों पर नहीं रहना चाहिए. आज अपनी संतान को अर्थ शास्त्र पढ़ाते हुए दानादि धर्म के संस्कार भी अवश्य दें. २४ घंटे में ७ घंटे श्रम, ८ घंटे विश्राम और ८ घंटे धर्म साधन करो तभी जीवन सफल होगा.

हम सभी का सौभाग्य है कि - ऐसे क्षेत्र में जन्म लियां जहाँ दया-धर्म के संस्कार जन्म से ही दिये जाते हैं. उससे भी परम सौभाग्य यह है कि - ऐसे वीतरागी संत अपने क्षेत्र में विहार करते हैं, उनका हमने भरपूर समागम प्राप्त होता है. उत्तम कुल, देश प्राप्त हो गया एवं साधू संगती भी प्राप्त हो गयी इसके बाद भी जो व्यक्ति संस्कारहीन हैं, व्यसनों में लिप्त हैं, उन्हें सोचना चाहिए कि वे आर्य खंड में उत्पन्न होकर भी म्लेच्छ ही है, क्योंकि व्यक्ति जन्म से नहीं कार्य से महान बनाता है. आचार्य भगवन कहते हैं कि - जो आचार-विचार से धर्म रहित हो वह म्लेच्छ कहलाते हैं. हम व्यसनों का, पापों का त्याग कर, सच्चे धर्म पर, गुरुओं पर विशवास रखें और आर्य खंड में रहकर गुणों को प्राप्त करें, गुणवानों का समागम करें तभी हम आर्य कहला सकेंगे. व्यक्ति अपनी क्रियाओं से स्वयं जान सकता है कि हम आर्य है या म्लेच्छ.

note* अनुभूत रास्ता' यह किताब आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज जी के परम शिष्य मुनिश्री कुन्थुसागर जी महाराज जी की रचना है, इसमें मुनिश्री कुन्थुसागर जी महाराज जी ने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज जी के अमूल्य विचार और शीक्षा को शब्दित किया है. इस ग्रुप में इसी किताब से रचनाए डालने का प्रयास है ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रावक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज जी के विचारों और शीक्षा का आनंद व लाभ ले सके -Samprada Jain -Loads thanks to her for typing and sharing these precious teachings.

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❖ णमोकार मंत्र - The Ṇamokara Mantra _/_ Heal your body, mind, and soul.

णमो अरिहंताणं - Let there be salutation to the Arihantas.
णमो सिद्धाणं - Let there be salutation to the perfect Ones.
णमो आइरियाणं - Let there be salutation to the per Acaryas.
णमो उव्ज्झायाणं - Let there be salutation to the Upadhyayas.
णमो लोए सव्वसाहूणं - Let there be salutation to all the sages of the world.

एसो पञ्च णमोयारो, सव्वपावप्पणासणो! मंगलाणं च सव्वेसिं, पढ़मं हवई मंगलम!!
This five-fold bow [Panchanamaskara mantra] liquidates all the sins. It is the top-most auspicious among all the mangals of the world.

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ये पेज आपके लिए #Kundapur महोत्सव की पूरी जानकारी ओर पिक्चर लाएगा:) #vidyasagar #exclusive #picture today!!

Update

केवल गौ माता की जय कहने से हमारी नैतिक जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती | ऐसी भीषण गर्मी में गौ माता को रोज तरबूज से ताजगी देते हैं मित्र कवि भयंकर |

***ईश्वर से नहीं कर्म से डरो***

पूज्य आचार्य श्री सुनील सागरजी महाराज की जय जय जय...
जय जय गुरुदेव...
"जय जिनेन्द्र"
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😀सिर्फ चार दिन शेष4⃣ -🙏बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान के महामस्तकाभिषेक शुरु होने में सिर्फ चार दिन शेष बचे है #kundalpur #vidyasagar #update सारी जानकारी एक पोस्ट में!!!

सदी के महानतम यज्ञ में आप भी अपनी दिव्य आहुति देकर यज्ञ को सफल बनाए छोटे बाबा श्री विद्यासागर जी महाराज के परम सानिध्य व संघ के निर्देशन में होने वाले इस पुनित कार्य का शंखनाद हो चुका है इस महोत्सव में प्रशासनिक सेवा से जुड़े केन्द्र व राज्य सरकार के करीब 250 से अधिक अधिकारी भी सम्मिलित होंगे राज्य के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान व अन्य केन्द्रिय मंत्रियों के पहुँचने की सम्भावना है🙏मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा जिसे जैन महाकुंभ नाम दिया गया है 🐚

आयोजन की सफलता के लिए कमेटी दिन-रात अथक परिश्रम कर रही है🌿
सम्पूर्ण भारतवर्ष की जैन समाज से आचार्य श्री जी ने आह्वान किया है🐚 कि इस महान पुण्यदाता महोत्सव में अवश्य पधारें व अपने जीवन को सफल बनाए

शीघ्र ही बड़े बाबा का भव्य जिनालय निर्मित होगा जो पूरे भारत के मन्दिरों में अलग साम्यता रखेगा 🕌इस मन्दिर के निर्माण का कार्य तीव्र गति से जारी है
आप भी पधारे व श्री क्षेत्र कुण्डलपुर जी के दर्शन कर बड़े बाबा पर अपने हाथों से कलशाभिषेक कर अपनी मनुष्य पर्याय को सार्थक करे🙏👏🏻👌�

💥आज की अपडेट❄👉�👉
आज पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी मुनि श्री निकलंकसागर जी निष्कामसागर जी व संधानसागर जी के केशलोंच हुए।

❄कुण्डलपुर में सारी तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी है अब इंतजार है बस आपके आने का😀🎊🎊�

कलशों से सम्बन्धित अधिक जानकारी के लिए निम्न नम्बरों पर सम्पर्क करें👇�👇�👇�👇

श्रेयांस लहरी दमोह-9425434911 शुभम जैन पटेरा-9907521254

कलशों का विवरण इस प्रकार है👇�👇�👇�
1.हीरक कलश-1100000/
2. रत्न कलश -551000/
3.अमृत कलश -221000/
4.स्वर्ण कलश -111000/
5.दिव्य कलश -51000/
6.रजत कलश -21000/

आप ऑनलाइन भी कलश booking कर सकते हैं । उसके लिए निम्न वेबसाइट के लिंक पर click करें

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📲सभी जानकारियों के लिए टोल फ़्री नम्बर
180030005228
पर भी संपर्क कर सकते है

चौदह गुणस्थान का अद्भुत चित्रण...

ॐ नमः
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News in Hindi

UPDATE #kundalpur #vidyasagar ✿ आज बड़े बाबा के पावन चरणो में छोटे बाबा -आचार्य श्री ने केशलुँचन किया, आज उपवास रहेगा:)

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#proud #Jain ✿ US has awarded the National Medal of Science and the National Medal for Technology and Innovation to *Rakesh K Jain and Mark S Humayan respectively.

US President Barack Obama has felicitated an Indian-American scientist and a Pakistani- American doctor with the nation's top honours in the field of science and technology & innovation respectively.

The National Medal of Science was presented to 65-year-old Rakesh K Jain of Harvard Medical School and Massachusetts General Hospital for his role in developing novel strategies for manipulating tumours and translating those strategies into improved cancer detection, prevention, and treatment in humans. Jain, an IIT Kanpur alumnus, has received numerous awards for his work on tumour biology, particularly research on the link between tumour blood vessels and improving the effects of chemotherapy and radiation treatment. He received his B Tech degree in Chemical Engineering from IIT Kanpur in 1972.

The National Medal of Technology and Innovation was received by 53-year-old Mark S Humayun for invention, development, and application of bio-electronics in medicine, including a retinal prosthesis for restoring vision to the blind, thereby significantly improving patients' quality of life. A co-inventor of the Argus Series of retina implants which are intended to restore sight to the blind, Humayun is the only ophthalmologist ever to be elected a member of both the US National Academy of Medicine and that of Engineering.
Rakesh K Jain United States National Medal of Science Harvard.

Indian American scientist to receive prestigious 'National Medal of Science' from Barack Obama

Humayun's family migrated from Jalandhar to Pakistan after partition. His grandfather Colonel Ilahi Bakhsh was the personal physician of Muhammad Ali Jinnah, the founder of Pakistan. Humayun's family moved to the US in 1972 when he was nine years old.

At a White House function, Obama said that Humayun's invention was inspired by the illness of his grandmother. "When his diabetic grandmother lost her vision, he began studying to become an ophthalmologist, hoping he could save the sight of others. Mark helped create the 'Argus II', a 'bionic eye' that has restored vision to patients who've been blind for up to 50 years," Obama said.

"He says the moment when he witnessed someone seeing light and shapes, someone experiencing the miracle of sight for the first time in decades - those moments have been some of the happiest and most rewarding of his professional career. In his words -- and I think no pun is intended --"There wasn't a dry eye in the operating room," Obama said.

Humayun and Jain received the award along with 15 other recipients of the National Medals of Science and the National Medals of Technology and Innovation.

The award function was initially scheduled for January 22 but was postponed due to a major snow storm.

The National Medal of Science was created by statute in 1959 and is administered for the White House by the National Science Foundation, while the National Medal for Technology and Innovation was established by the Stevenson-Wydler Technology Innovation Act of 1980, with laureates being announced jointly by the White House and the Department of Commerce.

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UPDATE #excusive #picture कुण्डलपुर के महाकुम्भ का होगा आगाज़.. लगभग 100 घंटे शेष.. #vidyasagar #kundalpur

काष्ठ (लकड़ी) के पृष्ठ पर उकेरी गई भगवान पार्श्वनाथ की ग्यारह फनी अद्भुत अलौकिक कृति @ श्री पार्श्वनाथ वंदना
जय बोलो चिंतामणि पार्शवनाथ की जय

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