05.08.2016 ►Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt ►News

Posted: 05.08.2016
Updated on: 05.01.2017

Update

आचार्य श्री विशेष पिक्चर:) ✿ आचार्य विद्यासागर जी के नाम पर भोपाल में होगी एक कालोनी, एक सड़क ✿ #vidyasagar #Bhopal

भोपाल के महापौर आलोक शर्मा इस बात से बहुत प्रसन्न है कि उनके कार्यकाल में दुनिया के सबसे बड़े संत आचार्य विद्यासागर जी महाराज भोपाल पधारे हैं और यहां चातुर्मास कर रहे हैं। इस चातुर्मास को स्थाई बनाने के लिए आलोक शर्मा भोपाल के एक कालोनी और एक सड़क का नाम आचार्य विद्यासागर जी के नाम पर रखने पर भी विचार कर रहे हैं। इस संबंध में उनकी जैन समाज की प्रतिनिधियों से चर्चा चल रही है। वे मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप देंगे।

आचार्य विद्यासागर जी महाराज के दर्शन करने लोगों का तांता लगा हुआ है। रविवार को कलश स्थापना समारोह में 50 हजार से अधिक लोग भोपाल पहुंचे थे। इस समारोह में 9 श्रावकों को आचार्यश्री के चातुर्मास कलश की स्थापना का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने कहा कि भोपाल का अर्थ है कि जो रक्षा करे अर्थात यहां रहने वालों को अपनी संस्कृति और संस्कारों की रक्षा करना चाहिए। सोमवार को भी हबीबगंज जैन मंदिर में आचार्यश्री की संगीतमय पूजन के बाद उन्होंने अपने आर्शीवचन में कहा कि हमारा चातुर्मास चार माह में हो जाएगा और यहां से गमन भी हो जाएगा,लेकिन आपको इस चातुर्मास का पूरा लाभ लेना चाहिए। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए स्वयं और पर का भेद समझना चाहिए। आप स्व कल्याण की और बढ़ते हैं तो आपके चातुर्मास का श्रीगणेश होगा। हम चले जाएंगे आपका चातुर्मास चलता रहेगा। सोमवार को आचार्यश्री की आहारचर्या ब्रह्मचारी जयकुमार जैन, जितेन्द्र जैन, सतीष जैन के चौके में हुई। इस परिवार ने रविवार को आचार्यश्री के चातुर्मास का प्रथम कलश स्थापित करने का सौभाग्य प्राप्त किया था।

महापौर आलोक शर्मा लगातार आचार्य विद्यासागर जी महाराज के संपर्क में है और लगभग प्रतिदिन उनके दर्शन करने और उनसे आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। उन्होंने हबीबगंज जैन मंदिर के आसपास सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम से दो करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं। अब वे जैन समाज की संस्था दिगम्बर जैन सोश्यल ग्रुप रेलवे स्टेशन मध्य रीजन और दिगम्बर जैन मुनिसंघ सेवा समिति के पदाधिकारियों के आग्रह पर भोपाल की प्रोफेसर कालोनी जिसे विद्या विहार के नाम से भी जाना जाता है का नाम आचार्य विद्यासागर कालोनी करने एवं पोलिटेक्निक चौराहे से डीपो चौराहे तक बनने वाली सिक्स लेन रोड का नाम आचार्य विद्यासागर मार्ग रखने पर विचार कर रहे हैं। आलोक शर्मा ने अग्निबाण से चर्चा में बताया कि इस संबंध में वे पहले मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। इसके बाद नगर निगम परिषद की बैठक में प्रस्ताव लाएंगे। शर्मा का कहना है कि आचार्य विद्यासागर महाराज का भोपाल में चातुर्मास इस सदी की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखता हूं।

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Update

चाँद पर पहली बार भारत से मेरठ निवासी नवीन जैन की अमेरिकी कंपनी द्वारा निजी यान भेजा जायेगा। चाँद पर पहला कदम रखने वाला भारतीय नहीं था लेकिन निजी यान भेजने वाला भारतीय मूल का व्यक्ति होगा। समस्त जैन समाज को नवीन जैन पर गर्व है -विश्व जैन संगठन

कल की घटना तो अविस्मरणीय है
! कल हम मंदिर जाने मे थोडी देर हो गई थी पङगाहन शुरू हो गया था। मेने मानसरोवर complex के नीचे गाङी ार्क की तो एक सज्जन धोती पहन के खुशी खुशी दौङे चले आ रहे थे। पूछने पर पता चला आचार्यश्री का आहार उनके चौके में होगा । हमने आहार देखने के उद्देश्य से उनके पीछे दौङ लगाई। 5वीं मंजील पर बजाज आलियांज के औफिस मे चौका लगा था। हम बाहर खङे थे। आचार्यश्री बहुत तेज चलते है इसका एहसास कल हुआ। हर वक्त 8 10 लोग उनको घेर कर चलते है सुरक्षा की दृष्टि से। पर कल चौके के बाहर कोई नहीं था। सिर्फ मैं,माँ और आचार्यश्री। इतने पास से पहली बार दर्शन किए। वो कितने निर्मोही है आँख उठा कर भी नहीं देखते। पर पास से उनका आभामंडल महसूस होता है। बस आहार देने का मौका मिल जाए। जीवन धन्य हो जाएगा। 😍😇

मेघा जैन, भोपाल

*काल घूमता नहीं घूमाता है: आचार्य विद्यासागर जी:) #vidyasagar #Bhopal #Jainism

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चातुर्मास कर रहे जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज ने कहा है कि मनुष्य पर्याय बहुत दुर्लभ है और समय की गति रुकती नहीं है। हर क्षण बीत रहा है जो भी सद्कार्य करने हैं उन्हें शीघ्र शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कालचक्र घूमता नहीं है वह अच्छे अच्छों को घुमा देता है।

उन्होंने एक उदाहरण के माध्यम से समझाया कि कुंभकार चाक और मिट्टी का लोथा रखता है डण्डी से उसे घुमाता भी है, लेकिन कुंभ तक नहीं बन सकता जब तक चाक के नीचे कील न हो, उस कील पर घुमकर ही चाक मिट्टी को कुंभ में बदलता है। उन्होंने कहा कि कील का अपने स्थान पर मजबूत होना भी आवश्यक है। एक और उदाहरण देते हुए आचार्यश्री ने कहा कि एक दादाजी अपने पोते का जन्मदिन मना रहे थे। पोते ने पूछा दादाजी आपका जन्मदिन कब है। दादाजी ने जवाब दिया कि अगले माह। पोता बोला कि आप गलत हो। दादाजी का जन्म तो उसी क्षण हुआ था तब पैदा हुआ। क्योंकि काल क्षेत्र, प्रभाव के अनुसार पोता का जन्म होने पर ही व्यक्ति दादा के रूप में दादा बना। *आचार्यश्री ने कहा कि वस्तु के स्वभाव को पहचानना जरूरी है। चिंतन किए बिना सांसारिक प्राणी अपने स्वरूप को नहीं पहचान सकते। काल घूमता नहीं है, वह घुमाता है। काल बीत रहा है। हर क्षण कीमती है। उसका मूल्य समझो यह मनुष्य पर्याय पूर्व जन्म के कर्मों के फल के रूप में मिली है। इसका हर क्षण उपयोग करो।* यदि समय का सही नहीं कर सके तो इतिहास में खो जाओगे।

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News in Hindi

✿ णमोकार मंत्र - The Ṇamokara Mantra _/_ Heal your body, mind, and soul. #Namokar #Mantra #Healing #Jainism

णमो अरिहंताणं - Let there be salutation to the Arihantas.
णमो सिद्धाणं - Let there be salutation to the perfect Ones.
णमो आइरियाणं - Let there be salutation to the per Acaryas.
णमो उव्ज्झायाणं - Let there be salutation to the Upadhyayas.
णमो लोए सव्वसाहूणं - Let there be salutation to all the sages of the world.

एसो पञ्च णमोयारो, सव्वपावप्पणासणो! मंगलाणं च सव्वेसिं, पढ़मं हवई मंगलम!!
This five-fold bow [Panchanamaskara mantra] liquidates all the sins. It is the top-most auspicious among all the mangals of the world.

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