31.08.2016 ►Muni Tarun Sagar ►News

Published: 01.09.2016
Updated: 01.09.2016

News in Hindi

क्रान्तिकारी संत पर बोले तपोभूमि प्रणेता.....

छोटागिरनार-क्रन्तिकारी संत मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज को विधान सभा में बुलाकर शासन ने जो सम्मान दिया वह एक संत का सम्मान नहीं भारतीय संस्कृति के सम्मान है।भारतीय संस्कृति में सदा से सत्ता संत से मार्गदर्शन लेती रही है।अतः हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर जी ने तरुणसागर जी को प्रवचन हेतु बुलाकर कोई गलत कार्य नहीं किया उन्होंने तो सत्ता में बैठे हुए लोग सत्य के मार्ग पर चलते हुए सत्ता के संचालन करते हुए प्रजा का पालन करते रहे इसलिए एक संत सन्देश देने के लिए विधान सभा में बुलाया।लेकिन जिन्हें जैनधर्म और जैन मुनि की नग्नता रास नही आती उन्होंने इस नेक काम को ही गलत ठहराकर जैन मुनि पर आक्षेप लगाना प्रारम्भ कर दिया यह उनकी ओछी सोच का परिणाम है।
ऐसे लोगों का सिर्फ विरोध ही नहीं होना चाहिए ऐसे लोगों को जैन मुनियों की त्याग और तपस्या के बारे में ज्ञान भी दिया जाना चाहिए।ताकि जैसे सारी विधान सभा जिन मुनि के चरणों में श्रद्धा से अवनत थी वैसे ही ये नादान लोग भी कुछ सम्यक ज्ञान पाकर कर सकें।
उक्त विचार आज प्रवचन करते हुए तपोभूमि प्रणेता मुनि श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ने व्यक्त किये।
तपोभूमि प्रणेता ने कहा-पहले के राजा महाराजा साधु संतों के पास तपोवन में जाकर मार्ग दर्शन लेते थे लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं रही इसलिए अब राज नेता राजनीति के विधान को समझने के लिए संत को ही विधान सभा में बुलाकर यदि मार्गदर्शन लेते है तो यह कोई गलत बात नहीं है।
तपोभूमि प्रणेता ने कहा-मैं देश के सभी नेताओं से कहना चाहता हूँ कि लोक सभा और विधान सभाओं में देश के सभी जाति और धर्म के प्रमुख साधु संतों को ले जाकर मार्ग दर्शन प्राप्त करें ताकि भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाया जा सकें।

क्रन्तिकारी राष्ट्रसंत जैन मुनि श्री 108 तरुणसागर जी मुनिराज पर हुए अभद्र टिपण्णी प्रकरण में भारत वर्ष के सकल जैन समाज की और से देशभर में विरोध के सुर तेज़ हो गए हैं । इसी के अंतर्गत आज उदयपुर में विराजमान समस्त जैन संतों के पावन सानिध्य में एवं सकल जैन समाज और तरुण क्रांति मंच गुरु परिवार उदयपुर के तत्वावधान में विशाल विरोध प्रदर्शन और रैली निकाली गयी । अपना सानिध्य प्रदान किया आचार्य श्री विमदसागर जी ससंघ, उपाध्याय श्री अनुभसागर जी ससंघ और मुनि श्री धैर्यसागर जी ससंघ एवं उदयपुर में विराजमान समस्त जैन संत । महाराज श्री पर अपनी ओछी भाषा से वार करने के बाद विशाल ददलानी और तहसीन पूनावाला के खिलाफ देशभर में जैन समाज की और से आंदोलन हो रहा है एवं जगह जगह पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है! With Tarunsagarji Maharaj, Tarunsagar Maharaj, Bramhchari Satish, Satish Bramhchari, Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt, Antarmana Muni shri prasann sagar ji maharaj, Parm pujya acharya shri 108 vimad sagar ji maharaj, Prakharvakta 108 Upadhyay Shree Anubhav Sagar Ji Gurudev, Antarmana Shree Prassansagarji Maharaj, Vardhaman sagar ji maharaj ke bhakt, Shri Vidhyasagar Ji Maharaj, Tarun Kranti Munch Guru Pariwar Rohini Delhi, 108 Acharya Shri Vidyasagar Ji Maharaj Muni Pulaksagar, Pulak Munch Kishangarh, Bharat Gaurav Pulak Sagar, Ankit Jain!!!

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