11.01.2017 ►STGJG Udaipur ►News

Posted: 11.01.2017

Update

हाथी का हमला और जैन साध्वियाँ बाल - बाल बची

हम जैन हे,,
#अहिंसा व #जीव दया हमारा कर्तव्या हे,,
हम #पतंग नही उड़ाएंगे,,
मासूम उन बेजुबानो की हत्या हम नही करेंगे,,
प्रभु #महावीर की वाणी का हम पालन करेंगे,,
जियो और जीने दो,,
अहिंसा परमो धर्म को हम सार्थक करेंगे,,
!! जैनम जयती शासानम!!

News in Hindi

विश्व शांति व #स्वच्छ_भारत निर्माण में #संतों की बड़ी भूमिका - #राष्ट्रपति
विकास के लिए मन की स्वछता के साथ स्वच्छ वातावरण भी जरूरी- आचार्य लोकेश

नई दिल्ली: सर्व धर्म स्वच्छता एवं सर्व धर्म सद्भावना अभियान के तहत विभिन्न धर्मों के एक शिष्टमंडल ने राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रणब मुख़र्जी से भेंट की| शिष्ठमंडल में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक व प्रख्यात जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि, अखिल भारतीय इमाम संगठन के अध्यक्ष इमाम उमेर अहमद इलियासी, अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध महासंघ के महासचिव लामा बोबजंग, साध्वी भगवती, बंगला साहिब गुरूद्वारे के चेयरमैन श्री परमजीत सिंह चंडोक व श्री कुलदीप भोगल शामिल थे|
महामहिम श्री प्रणब मुख़र्जी ने सर्व धर्म शिष्टमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व शांति की स्थापना व स्वच्छ भारत निर्माण ने संतों की बड़ी भूमिका है| विश्व को जहाँ सर्व धर्म सद्भावना की आवश्यकता है वही भारत में शौचालय निर्माण की जरूरत है| स्वच्छ सोच से ही शौचालय निर्माण की मुहिम को आगे बढाया जा सकता है|
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि स्वस्थ और स्वस्थ भारत के लिए खुले में शौच करने पर रोक लगनी चाहिए| ग्लोबल इंटरफेथ वाश अलायंस और गंगा एक्शन प्लान की मदद से शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है|
आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि स्वच्छता व स्वस्थ्य का गहरा सम्बन्ध है| बाह्य व आतंरिक दोनों तरह की स्वच्छता जरुरी है| वैचारिक प्रदुषण पर्यावरण प्रदुषण से भी अधिक खतरनाक है| उन्होंने विश्व शांति की स्थापना के लिए सर्व धर्म सद्भाव पर जोर देते हुए कहा कि सभी धर्म अहिंसा, करुणा, दया, प्रेम व भाईचारे की बात करते हैं| धार्मिक सहिष्णुता मौजूदा समय की जरुरत है| उसी से दुनिया में शांति व सद्भावना की अभिवृद्धि हो सकती है|
इमाम उमेर अहमद इलियासी ने कहा कि भारत को स्वच्छ बनने के लिए सभी धर्मों के गुरुओं को समाज में जागरूकता पैदा करनी होगी| विकास व स्मृद्धि के लिए स्वच्छता और सद्भावना जरूरी है|
साध्वी भगवती ने ग्लोबल इंटरफेथ वाश अल्यांस के विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि वाश स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ पानी और सनिटेशन उपलब्ध करने के लिए निरंतर प्रयासरत है|
इस अवसर पर संतों ने विभिन्न धर्मों का साहित्य महामहिम राष्ट्रपति को भेंट किया|

‪@JM_Scindia ने @MVenkaiahNaidu को पत्र लिख कर #जैन समाज की और से माँग रखी की #जैन_साधुओं को खुले में #शौच जाने की छूट रखें। ‬

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