01.03.2017 ►Acharya Shiv Muni ►News

Posted: 02.03.2017

News in Hindi

अज्ञानी तो शरीर के रोगों को ही रोग जानता है। इस लिए उन रोगों को ही दूर करना चाहता है। परन्तु ज्ञानी तो देह को ही रोग जानते हैं। इस लिए देह से ही छूटने का पुरूषार्थ करते है।

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