13.03.2017 ►Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt ►News

Posted: 13.03.2017
Updated on: 14.03.2017

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today एक आदर्श आहारचर्या osam lovely clip:)) आज आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ का प्रतिभास्थली जबलपुर में आगमन #PratibhaSthali #JabalpurPratibhaSthali #AcharyaVidyasagar

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today morning photograph 💖 #Holi💙 आज आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ का प्रतिभास्थली जबलपुर में आगमन #PratibhaSthali #JabalpurPratibhaSthali #AcharyaVidyasagar

💚 यह जीव अनादि से कर्मो की होली खेलता हुआ आया है और अपने जीवन को पाप कर्मों में पतित करके सदा ही अपना जीवन विषय,कषाय और भोगों में रंगकर मलीन किया है!! #acharyaVidyasagar

कभी सोचा जीवन को इन उलझनों से सुलझाने का?
नही न❗
फिर कब मन बनाओगे❓

सुना था कि कभी होलिका के पास ऐसी अग्निशामक जैकेट थी जिससे वह बच जाती थी लेकिन जैसे ही वह प्रहलाद को बैठाकर अग्नि में बैठी और स्वयं विसर्जित होगी!!

अब बात ये कि हमारा जीवन भी होलिका की तरह ही है जिसमे हम सब पूर्व संचित पुण्यकर्म के उदय में पापकर्म करके जीवन को पतित करते चले जा रहे है लेकिन जब वह पुण्य का उदय समाप्त हो जाता है तो अंत में हमारा जीवन भी कर्मो की अग्नि में विसर्जित हो जाता है!!

चलो आओ भले ही अब तक कैसा ही जीवन बीता हो लेकिन अब हम सम्यक होली खेलने का मन बनाते है इसमें हम रंग,पिचकारी और गुलाल सब प्रयोग करेंगे बस चीजों में फर्क होगा!! *इसमें रंग जिनेंद्र प्रभु की भक्तिमय होगा,और गुलाल दसधर्मो की होगी।और सबसे दुर्लभ पिचकारी आचार्य श्री विद्यासागर जी की देशना होगी जिससे अपने सभी स्नेहीजन के ऊपर उड़ेलकर स्वयं और आत्मीयजन को विद्यासागरमय करेंगे!!

आइये इस होली पर हम भी विद्यासागरमय हो...ले जिसका रंग ऐसा है कि एक बार चढ़ने पर भी निस्तेज नही होता,कभी फीका नही पड़ता!! हे गुरुदेव तुम्हारीं शरण प्राप्त करके हम संसार में ऐसे निखरे कि जिसका प्रकाश पुंज अनादि अनन्त काल तक जगमगाता रहें....

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News in Hindi

औ न दया बिन धर्म ना, कर्म कटे बिन धर्म
धर्म मम तुम समझकर, करलो अपना कर्म #VasupujyaBhagwan

वासुपूज्य जिनदेव ने, देकर यूँ उपदेश
सबको उपकृत कर दिया, शिव में किया प्रवेश

वसु-विध मंगल-द्रव्य ले, जिन पूजों सागार
पाप घटे फलत: फले,पावन पुण्य अपार

बिना द्रव्य शुचि भाव से, जिन पूजों मुनि लोग
बिन निज शुभ उपयोग कल, शुद्ध ना उपयोग ||

ओम् ह्रीं अर्हं श्री वासुपूज्य जिनेंद्राय नमो नम: |

स्वयंभू स्तोत्र स्तुति आचार्य श्री विद्यासागर द्वारा रचित #AcharyaVidyasagar

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