17.09.2017 ►Media Center Ahinsa Yatra ►News

Posted: 17.09.2017
Updated on: 19.09.2017

News in Hindi:

गअहिंसा यात्रा प्रेस विज्ञप्ति
विकथा जीवन को बना सकती है विकृत: आचार्यश्री महाश्रमण
-आचार्यश्री ने साधु-साध्वियों सहित श्रद्धालुओं को विकथा से बचने का दिया ज्ञान
-आत्मा को शाश्वत और शरीर को नश्वर मानकर आत्मा के कल्याण के प्रयास का दिखा मार्ग
-‘तेरापंथ प्रबोध’ आख्यान के माध्यम से आचार्य भिक्षु के अंतिम अवस्था का किया सजीव चित्रण
-अभातेयुप को दिया विशेष आशीर्वाद, तेरापंथ सशक्त सेना को आत्मा का विकास करने की दी प्रेरणा
-आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के वार्षिक अधिवेशन का आचार्यश्री के चरणों में हुआ शुभारम्भ
-अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री सहित आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष ने भी दी भावाभिव्यक्ति

17.09.2017 राजरहाट, कोलकाता (पश्चिम बंगाल)ः

जन-जन के जीवन के पथ को आध्यात्मिक आलोक से ज्योतित करने वाले, पूरी दुनिया को मानवता का संदेश देने वाले, भारतीय संत परंपरा के महानायक, महामना आचार्य भिक्षु के पट्टधर, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी ने रविवार को उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं सहित साधु-साध्वियों को अपने जीवन में विकथा से बचते हुए अपनी आत्मा के कल्याण का प्रयास करने की पावन प्रेरणा प्रदान की। वहीं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के युवाओं को विशेष आशीर्वाद प्रदान करते हुए इस संगठन को तेरापंथ धर्मसंघ की सशक्त सेना मानते हुए आचार्यश्री ने इस सेना को धार्मिक-आध्यात्मिक विकास करने और अपनी आत्मा के कल्याण का करने के लिए प्रयासरत रहने की पावन प्रेरणा प्रदान की। वहीं दूसरी ओर आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के वार्षिक अधिवेशन का भी शुभारम्भ हो गया।

    रविवार को अध्यात्म समवसरण के प्रांगण में उमड़ी श्रद्धालुआंे की अपार भीड़ और देश भर से समागत हजारों युवाओं सहित साधु-साध्वियों को आचार्यश्री ने पावन प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि निर्ग्रंथ और निग्र्रंथियों को ज्ञान-दर्शन की प्राप्ति कई बार होते-होते रूक जाती है। इसके चार कारणों का वर्णन करते हुए कहा कि आचार्यश्री ने कहा कि विकथा जीवन को विकृत बना देता है। इसलिए साधु-साध्वियों को ही नहीं आदमी को विकथा से बचने का प्रयास करना चाहिए। आदमी को अपनी ऊर्जा अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए, न की बेकार की बातों में। आचार्यश्री ने साधु-साध्वियों को भी प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मा और शरीर को भिन्नता का अभास करते हुए आत्मा के उत्थान का प्रयास करना चाहिए। आचार्यश्री ने मंगल प्रवचन के उपरान्त ‘तेरापंथ प्रबोध’ के द्वारा श्रद्धालुओं को आचार्य भिक्षु के जीवन के अंतिम क्षणों का सजीव चित्रण किया।

    आचार्यश्री ने मंगल प्रवचन के उपरान्त अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के 51वें वार्षिक अधिवेशन में उपस्थित युवाओं को अपना विशेष आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद तेरापंथ की एक सशक्त सेना है। युवाओं को सामायिक के प्रति जागरूक रहने का प्रयास करना चाहिए और विशेष तौर पर शनिवार की सामायिक को करने का प्रयास करना चाहिए। परिषद के सदस्य खूब अच्छा कार्य करें। मन में प्रसन्नता रहे, समाज की धार्मिक-आध्यात्मिक सेवा के साथ ही अपनी आत्मा का विकास करने का भी प्रयास करें।

    आचार्यश्री से मंगल आशीर्वाद प्राप्त होने के उपरान्त अभातेयुप के महामंत्री श्री विमल कटारिया व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बीसी भलावत ने अपनी भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी और अपने दो वर्षों के कार्यकाल में धार्मिक, सामाजिक क्षेत्रों में संगठन द्वारा किए गए कार्यों को भी आचार्यश्री के समक्ष प्रस्तुत किया। वहीं दूसरी ओर आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के वार्षिक अधिवेशन का शुभारम्भ हुआ। प्रतिष्ठान के अध्यक्ष श्री लूणकरण छाजेड़ ने भी आचार्यश्री के समक्ष अपनी भावाभिव्यक्ति दी और प्रतिष्ठान के द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सेवा के कार्यों का उल्लेख किया और आचार्यश्री से पावन आशीर्वाद प्राप्त किया।

English [Google Translate]

Gahihas travel press release
Perversion can make life miserable: Acharyashree Mahasamani

  • Acharyashree gave knowledge of the devotees including Sadhus and Sadhvi to avoid the evil
  • The way to show soul an eternal life, and body as a mortal, the effort of the welfare of the soul
  • Latest depiction of the last state of Acharya Bhikshu through the narrative of 'Terrapanth Prabodh'
  • The special blessing given to Achyapayupa, the inspiration for the holy army to develop the soul.
  • The inauguration of the annual session of the Acharya Tulsi Shanti Pratishthan begins at the feet of Acharyashri
  • President of Acharya Tulsi Shanti Pratishthan, including the National President of Abatayupa, Maha Parishad also gave the Bhavbhyavyakti


17.09.2017 Rajarhat, Kolkata (West Bengal):

Acharyashree Mahasramanji, the pioneer of non-violence, traveled on Sunday, giving birth to spiritual path to the life of people, giving message of humanity to the entire world, the great saint of Indian tradition, the Pattadhar of Mahamana Acharya Bhikshu, representative of Lord Mahavira, With the presence of thousands of pilgrims present, the saints and sages are able to save themselves from the misery in their lives and try to welfare their souls. Rna provided. While giving special blessings to the youth of All India Teestrop Youth Council, this organization was considered as a powerful army of the Teerapanth Dharma Sangh, and it has given inspiration to this army to be successful in promoting religious and spiritual welfare and for the welfare of our soul.. On the other hand, the annual session of Acharya Tulsi Shanti Pratishthan was inaugurated at Acharya Shri's Mangal Sananidhi.

On Sunday, in the courtyard of spirituality, the great crowd of devotees and devotees, including thousands of young people from across the country, gave holy inspiration to the Sadhus and Sadhis, saying that the achievements of knowledge and philosophy of the Jrands and Nirdhunds are stopped many times.. Describing four reasons for this, Acharyashree said that soreness makes life miserable. Therefore, not only the saints and sages should try to save the man from the evil. Man should put his energy in good work, not in worthless things. Inspiring the Sadhus and Sadhis, Acharyashri said that the soul and body should try to uplift the soul while realizing the difference. Acharyashree gave a glimpse of the last moments of the life of Acharya Bhikshu to the devotees after 'Teerapanth Prabodh' after the Mangal discourse.

Acharyashri gave special blessings to the youth present at the 51st Annual Convention of the All India Terapanth Youth Council after the discussion of the Mangal saying that All India Teerthth Youth Council is a powerful army of Terapanth. Youth should try to be conscious of sharing, and especially to try Saturday's share. Members of the Council do great work. Be happy in your mind, try to develop your soul along with religious-spiritual service of society.

Upon receiving the blessings of Mangal from Acharyashree, the Chief Minister of Abhaytayupra, Shri Vimal Kataria and the National President Mr. BC Bhalawat gave their emotional expression and presented the work done by the organization in religious and social sectors during the course of two years in front of Acharyashree. On the other hand, the annual session of Acharya Tulsi Shanti Pratishthan was inaugurated at Acharya Shri's Mangal Sananidhi. The chairman of the establishment, Mr. Lunan Chajjard also gave his brother-in-law in front of Acharyashree and mentioned the functions of various services being run by the establishment and received a holy blessing from Acharyashree.

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