12.11.2017 ►Acharya Shri Gyan Sagar Ji Maharaj Ke Bhakt ►News

Posted: 13.11.2017

News in Hindi

पन्ना जिले (म. प्र.) में “मदर ऑफ खजुराहो” नाम से प्रसिद्ध ‘अजयगढ़ किले’ में स्थापित लगभग 9वीं सदी की प्राचीन व अतिशयकारी भगवान शांतिनाथ की मूल प्रातिमा, भगवान कुंथुनाथ व अरहनाथ की प्रतिमाएं, सहस्त्रकूट जिनालय व जैन सरस्वती, मन्दिरों के अवशेष और विशाल चट्टानों पर उकेरी गयी जैन तीर्थंकरों व सरस्वती प्रतिमा! पुरातत्व विभाग द्वारा प्राचीन प्रतिमाओं की पूजा रोककर केवल दर्शन करने की अनुमति क्यों?... विश्व जैन संगठन fb.com/AntiquityOfJainism

अजयगढ़ किले में स्थापित लगभग 9वीं सदी की प्राचीन व अतिशयकारी भगवान शांतिनाथ की मूल प्रातिमा, भगवान कुंथुनाथ व अरहनाथ की प्रतिमाएं

प्राचीन सहस्त्रकूट जिनालय (कुछ हिस्सा जमीन के अंदर)

चट्टान पर उकेरे गये जैन तीर्थंकर चौबीसी

चट्टान पर उकेरे गये जैन तीर्थंकर

देश में चट्टान पर उकेरी हुई प्रथम प्राचीन जैन सरस्वती

जैन सरस्वती

प्राचीन व अतिशयकारी भगवान शांतिनाथ की मूल प्रातिमा

जैन चौबीसी व सरस्वती

प्राचीन जैन मंदिर अवशेष

प्राचीन जैन प्रतिमा अवशेष

प्राचीन जैन मंदिर अवशेष

प्राचीन जैन मंदिर अवशेष

आज दिनांक 13 नवम्बर को प्रात: 6 बजे त्रिलोकसंत पूज्य आचार्य श्री ज्ञानसागर जी मुनिराज ससंघ का मंगल विहार ऐदिलपुर से 7 किलोमीटर आगे जैन मंदिर, धौलपुर हेतु हुआ।
आज की आहारचर्या यही होगी!

आज दिनांक 13 नवम्बर को ही दिन में 3 बजे आचार्य श्री ससंघ का मंगल विहार धौलपुर से 7 किलोमीटर आगे प्राथमिक विद्यालय, बंधा, ए. बी. रोड हेतु होगा।
आज का रात्रि विश्राम यही होगा।
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*आचार्य श्री ससंघ का मंगल विहार सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी हेतु चल रहा है। कृपया मंगल विहार में शामिल होकर धर्म लाभ लें*

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