13.11.2017 ►Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt ►News

Posted: 13.11.2017
Updated on: 15.11.2017

Update

खुदाई में निकली जैन प्रतिमा!! @ Kamtari Village in Bah (Agra) Uttar Pradesh, Info by Amit Jain.. #UnearthIdeal

Update

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री भव्य सागर जी महाराज जो कि 95वर्ष की ऊम्र मे कठिन चर्या का पालन कर रहे है। मुनिश्री मोराजी सागर शहर में विराजित है इस उम्र भी सभी आवश्यक स्वयं करते है पंखे कूलर आदि का Use नहीं करते खड़े होकर अल्पाहार लेते है आज उनका स्वास्थ्य ठीक नही है। आहार भी कम लिए है। आप सभी वीर प्रभु से कामना करे की वो शीघ्र स्वास्थ्य हो जाये ।

News in Hindi

'भेद मतों के समझे पर, आपस में कोई मतभेद ना हो..

जैनधर्म भारत और विश्व के प्राचीनतम धर्मो में से एक हैं और जिसे विभिन्न लोगो द्वारा अलग अलग तरीको से follow किया जाता हैं लेकिन मूल concept अहिंसा और अनेकांत आदि हैं जो जैन लोग में अलग अलग पंथ/विचारधारा/जाती/ धार्मिक क्रियाये जैसे पूजन अभिषेक आदि में विभिन्नता होने के बाद भी लोगो को जोड़े रखता हैं, लेकिन Youth इस अनेकता में एकता के जैन धर्मं के सिद्धांत से अपरिचित हैं, इस पंथवाद /अज्ञानता के issue से उपर उठकर जो हमारी मूल सिद्धानो को ख़तम कर रहा हैं हम लोगो को कषाय और लड़ाई का कारण बन रहा हैं, जबकि हमें एक होना चाहिए विशेष रूप से Social media का effective प्रयोग हम कैसे करे.. हमारा मूल उदेश्य ज्ञान बाटना नहीं बल्कि अर्जन का हैं!! ये पेज स्वागत करता हैं सभी लोगो का बिना किसी भेदभाव के उनके अपनी विचारधारा के साथ! इस पेज का उदेश्य जैन धर्मं की विभिन्न विविधता को दिखाना हैं जिसमे cultural, Ritual & architectural features आजाते हैं.. PLEASE Remmber 'भेद मतों के समझे पर, आपस कोई मतभेद ना हो..!!

Jainism is one of the ancient religion of india as well world and it is being followed by different sections of the society with various cultural practices but one central idea of non-violence and Anekant (Non-absolutism). Since Jain community is amalgamation of the people of different sects, casts and clan of different geographical region within indian subcontinent, it is obvious to find difference in their day to day religious practices. Due to geographical differences most of us, especially youth are unaware of the "unity in diversity" which is the uniqe feature of jainsim. This page is intended to overcome this issue of ignorance which is harming our core values as well as strengthening the feeling of being one using Social media as an effective tool. To formulate this idea following changes all of you will see in coming days..

1. it is evident that this group welcomes all the like-minded people without discriminating their personal beliefs and customs. it will be more appropriate to rename its existing name as Jainism / JinendraDev ke followers.

2. Its our sincere effort to educate and aware the like-minded peoples the different aspects of jainism- cultural,ritual as well as architectural features thus we are going to develop a infographical series based on the blending of core philosophical values along with the picture of the day.

3. all of the interested persons may kindly contribute with pictures and brief writeup covering historical, philosopical ideas. Remmber 'भेद मतों के समझे पर, आपस कोई मतभेद ना हो..?

-nipun Jain

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जब आचार्य भगवान को किसी ने बैठने के लिए चटाई लगाई, तो देखिए गुरुदेव ने क्या कहा.. #AcharyaVidyasagar • #MuniKshamasagar

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