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Posted: 30.05.2018

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वरकाणा मित्र मंडल का 10 वा स्नेह सम्मेलन माथेरान में संपन्न
JAIN STAR News Network | May 29,2018
वरकाणा मित्र मंडल मुंबई का 10 वा स्नेह सम्मेलन 27 -28 मई को माथेरान में संपन्न हुआ। स्नेह सम्मेलन का आयोजन रानी गांव /चेंबूर निवासी श्रीमान रमेशकुमार ओटरमलजी चोवटिया एवं श्रीमती अरुणा रमेशकुमार द्वारा किया गया। हर साल की तरह सम्मेलन की सभी व्यवस्थाए वरकाणा मित्र मंडल कमिटी बखूबी संभाले हुए थी। माथेरान के आनन्द रिट्ज़ रिसॉर्ट में आयोजित दो दिवसीय स्नेह सम्मेलन में 100 के करीब उपस्थिति रही।तक़रीबन हर सदस्य सपत्नीक शामिल हुआ। ज्ञात रहे,वरकाणा मित्र मंडल, मुंबई उन 50 के करीब लोगो का एक समूह है। इस समूह में वो छात्र शामिल है,जो राजस्थान के पाली जिले स्थित वरकाणा (गोडवाड़) जैन छात्रावास में साल 1975 -1980 के बीच रहे। साल 2001 में दस के करीब सदस्यों की पहल से शुरू हुआ यह सम्मेलन अब निर्धारित 50 सदस्यों की संख्या लिए हुए है।पिछले कई सालो से निरंतर जारी एक से बढ़कर एक स्नेह सम्मेलन में सदस्य गण अपनी पूरानी यादो को ताजा करने का कार्य किए हुए है। इसी निरंतरता और साल 2031 तक स्नेह सम्मेलन की अग्रिम बुकिंग ही वरकाणा मित्र मंडल समूह के सदस्यों के बीच सत्तर के दशक में पनपे सामंजस्य,प्यार और स्नेह की साल -दर -साल मजबूत हुई कहानी को बयां करता है। इसी कहानी के दर्शन वरकाणा मित्र मण्डल आयोजित स्नेह सम्मेलन में जोर -शोर से देखने को मिलता है।
सभी सदस्यों के आनन्द रिट्ज़ रिसॉर्ट माथेरान आगमन पर लाभार्थी परिवार की ओर से अरुणा रमेश जी चोवटिया ने स्वागत किया। स्वागत के बाद सभी सदस्य आवंटित कमरों में जाकर फिर से लंच पर मिलते है।
चार बजे के करीब चोवटिया परिवार द्वारा महिलाओं के लिए विशेष रूप से आयोजित साँझी/मंगल गीत आयोजन शरू होता है।जिसमे लाभार्थी परिवार अरुणा चोवटिया सहित सभी की भूमिका और प्रस्तुति शानदार रही।
पांच बजे से शरू हुए चाय- नाश्ते के बाद पूर्व निर्धारित समयानुसार शाम 7 बजे रिसॉर्ट के ओपन ग्राउंड में आयोजित मीटिंग की शुरुआत पर लाभार्थी परिवार को सभी मंडल सदस्य ससम्मान मीटिंग स्थल तक गाजे बाजे के साथ लेकर आते है।
मीटिंग में मंच संचालन की जिम्मेदारी हर बार की तरह इस बार भी महेन्द्र कोठारी (बागोल) की थी।
मंच संचालक महेंद्र कोठारी ने स्नेह सम्मेलन लाभार्थी रमेश चोवटिया (रानी गाँव)एवं श्रीमती अरुणा रमेश चोवटिया,सत्कार मूर्ति के रूप में चयनित कांतीलाल मेहता (डायलाना),सुरेश खांटेड (गुड़ा एंदला), अमर डागा (खिंवाड़ा) को मंच पर आमंत्रित किया। ध्यान रहे सत्कार मूर्ति के रूप में वरकाणा मित्र मंडल के उन सदस्यों का चयन और सम्मान किया जाता है, जिन्होंने बीते साल अपनी ओर से मानव सेवा,सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है।
मीटिंग की शुरुआत मीना दिलीप (खीमेल) की ओर से नवकार मंत्र के उच्चारण से होती है । उनके बाद,देवराज पुनमिया (पिलोवनी) एवं छगन परमार (इटन्तरा) की जिन्होंने अपनी आवाज से "वल्लभ गुरु गीत" प्रस्तुत कर मीटिंग को आगे बढ़ाते है। मीटिंग को गति देने मनोहर राणावत (झीलवाड़ा) छगन परमार (इटन्तरा) लिखित "चालोजी चालो वरकाणा चालो रे" गीत की शानदार प्रस्तुति देते है।
परंपरानुसार स्नेह मिलन के लाभार्थी रमेश एवं अरुणा चोवटिया (रानी गाँव) का अभिनंदन VMMM के आयोजन समिति के सदस्य देवराज पुनमिया (पिलोवनी),महेन्द्र कोठारी (बागोल),भूपेन्द्र छाजेड़ (डुठारिया),रणजीत नाहर (नाड़ोल), छगन परमार (इटन्तरा) एव पारस लूणिया ने साफा,चुंदड़ी एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। इस अवसर पर सत्कार मूर्ति के रूप में कांतीलाल मेहता (डायलाना),सुरेश खांटेड (गुड़ा,एंदला) अमरचन्द डागा (खींवाडा), अरविंद राणावत (दुजाणा)को सम्मानित किया जाता है ।
मंच संचालक महेंद्र कोठारी के निमंत्रण पर अब बारी थी उन वक्ताओं की जिन्हे VMMM से संबंधित विचार रखने थे।भरत परमार (रानी),कांतीलाल मेहता (डायलाना) सुरेश खांटेड (गुड़ा एंदला),शांतीलाल सेठिया (चेलावास),दिनेश कोठारी (गुड़ा एंदला) आदि ने अपने-अपने विचारो से उपस्थितो को संबोधित किया जिसमे मुख्य रूप से गोडवाड़ समाज संचालित संस्थाओ वरकाणा,विद्यावाड़ी व फालना की शिक्षण संस्थाओ में जुड़ने के आग्रह को लेकर था। और अंत में लाभार्थी रमेश ओटरमल जी चोवटिया की ओर से आभार और धन्यवाद प्रेषित किया गया। लाभार्थी परिवार की ओर से संघ पूजन और ग्रुप फोटो सेसन (लेडीज & जेंट्स)के साथ ही सभी सदस्य डिनर हेतु प्रस्थान किए।
डिनर के साथ और बाद रात्रि में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमे कपल गेम में वीणा भूपेंद्र छाजेड़ विजयी रहे। रात्रि विश्राम के बाद सुबह नाश्ते के साथ अविस्मरणीय,ऐतिहासिक और मधुर मिलन की सुनहरी यादों एवं वादों के साथ VMMM के सभी सदस्यों ने भीगी पलकों एवं पुनर्मिलन की तड़प को लेकर अपने अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।इसी के साथ आगामी स्नेह सम्मेलन के इन्तजार में माथेरान का दसवां स्नेह सम्मेलन सम्पन्न हुआ।

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