08.06.2018 ►STGJG Udaipur ►News

Posted: 08.06.2018
Updated on: 12.06.2018

Update

⏰क्यों इतना वक़्त गुज़ारते हो,
🔎देखते हुए खुद को आईने में।
✨कुछ वक़्त बैठो गुरुदेव के सामने,
💖खूबसूरत हो जाओगे सही माईने में
वन्दे पुष्कर गुरुवरम।

अनुपम समर्पणम्..
श्री विहार सेवा ग्रुप..#भिवंडी
#विहार करते #बारीश का आगमन..
मगर हौसले कमजोर नही जो मेरे गुरुवर का विहार रुक जाये।

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#वंदन के लिए ऊपर अंगूठा दबाएँ👍⬆️

News in Hindi

#पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दस करोड़ की लागत से बन रहे म्यूजियम में शॉर्ट सर्किट से लगी आग,
एक माह बाद होना था उद्‌घाटन
जलकर राख
सांचौर क्षेत्र के प्रतापपुरा में नेशनल हाईवे 68 के किनारे स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर में निर्माणाधीन म्यूजियम...
Jun. 08, 2018,
पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दस करोड़ की लागत से बन रहे म्यूजियम में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, जलकर राख
सांचौर क्षेत्र के प्रतापपुरा में नेशनल हाईवे 68 के किनारे स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर में निर्माणाधीन म्यूजियम में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे भयंकर आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि आग की लपटें काफी उंचाई तक उठी और काला धुएं का गुबार आसपास के इलाके में फैल गया जिससे अंधेरा छा गया। जानकारी के अनुसार पिछले डेढ़ साल से म्यूजियम का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें प्रतिदिन डेढ़ सौ मजदूर कार्य कर रहे है। गुरुवार को म्यूजियम के पिछले हिस्से में मजदूर कार्य कर रहे है। मजदूरों के अनुसार तभी शॉर्ट सर्किट हो गया और अाग लग गई। बड़े क्षेत्र में निर्माणाधीन मंदिर व म्यूजियम में कोई फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं होने तथा फाइबर की मूर्तियां होने के कारण आग ने कुछ ही समय में भयानक रूप ले लिया। सूचना पर सांचौर नगरपालिका की दमकल भी मौके पर पहुंची। एक दमकल के भरोसे काफी देर तक आग बुझाने के प्रयास किए लेकिन सफल नहीं हुए तो बाद में नगरपालिका भीनमाल, नगर परिषद बाड़मेर, केयर्न इंडिया बाड़मेर, नगरपालिका डीसा व धानेरा की दमकल मौके पर पहुंची। दर्जनों टैंकर भी पानी बुझाने में लगाए गए। तब तक म्यूजियम पूरी तरह से जल चुका था। आग की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वींजाराम मीणा, उपखंड अधिकारी राजेंद्र डांगा, पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी, वृत्ताधिकारी फाऊलाल मीणा, थानाधिकारी सुखराम विश्नोई भी मौके पर पहुंचे।

एक माह बाद होना था उद्‌घाटन, गुरुवार सुबह शॉर्ट सर्किट से लगी आग, फायर सेफ्टी सिस्टम के अभाव तथा फाइबर की मूर्तियां होने से आग विकराल हाे गई, काफी देर तक एक ही दमकल के सहारे आग बुझाने के प्रयास

डेढ़ साल से प्रतिदिन 150 मजदूर कर रहे थे कार्य

मंदिर का निर्माण 2014 में शुरू हुआ था। भामाशाह के सहयोग से मंदिर के पास दस करोड़ की लागत से म्यूजियम का निर्माण डेढ़ साल पहले शुरू किया था। म्यूजियम में हर रोज करीब 150 मजदूर कार्य करते थे। एक माह बाद इसका कार्य पूर्ण करवाकर उद्‌घाटन करना था लेकिन गुरुवार काे सब खाक हो गया।

लकड़ी के फर्नीचर और फाइबर की शीट ने पकड़ी आग

म्यूजियम में फाइबर शीट्स, लकड़ी, प्लास्टर ऑफ पेरिस व कपड़ों से भव्य डोम बना हुआ था। मजदूर संभल पाते इससे पहले ही म्यूजियम में लगे फाइबर शीट्स और लकड़ी के फर्नीचर तक आग पहुंच गई और चंद पलों में ही विकराल हो गई। तेज लपटें काफी ऊपर तक उठने लगी। इतनी भयंकर आग, काबू करने के लिए दमकल को आ रहा था पसीना म्यूजियम में आग लगने की सूचना पर उपलब्ध नगरपालिका की एकमात्र दमकल वाहन मौके पर पहुंच गया था। लेकिन आग इतनी विकराल थी कि उसको काबू करने के लिए वो सिर्फ नाममात्र ही लग रही थी। वहीं दमकल वाहन आग पर पानी डालते ही 15 मिनट में खाली हो जाती थी ऐसे में कई चक्कर करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक किसान के कुं ए से पानी भरकर लाने में लगी रही। जिसके बाद पानी के टैंकरों की भी व्यवस्था की गई।

मेरे पुष्कर गुरुवर...
कृपावान तू गुरुवरहमारा...
मुझे तो केवल तेरा सहारा...
फिर क्यों बहती है आँखों से...
अविरल अश्रुओं की धारा...
क्यों जीवन में है शोक-चिंता अपारा...
कहो कैसे होगा मेरा गुजारा...
मुझे तो पुष्कर.. केवल तेरा सहारा...!!
@kp@
*🙌अपना तो है ही गुरु पुष्कर🙌

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