02.10.2018 ►Dhule ►Welcome of Mumukshu Preksha Sethia

Posted: 04.10.2018

Dhule: 02.10.2018

Mumukshu Preksha Sethia welcomed in presence of Sadhvi Nirvan shree. Well wishes given by all for future spiritual life. Sadhvi Nirvan Shree told Preksha got good sanskar from her family. She praised father Gautam Se this and mother Sarla Sethia.Pteksha Se this is going to take Samani Diksha by Acharya Mahashraman on November 11. Sadhvi Lavaniya Prabha, Sadhvi Kundan Yasha, Sadhvi Mudit Prabha and Sadhvi Madhur Prabha presented song. Sadhvi Yogkshem Prabha conducted function and remembered moments of 2001 when they visited Tiruvannamalai. Mahila Mandal president Sangita Surya and women presented song.

 

अर्हम
*दीक्षार्थिनी प्रेक्षा सेठिया का मंगलभावना समारोह*

तेरापंथ भवन, धुलिया के पावन प्रांगण में दीक्षार्थिनी मुमुक्षु प्रेक्षा का मंगलभावना समारोह अत्यंत प्रसन्न माहौल में परिसंपन्न हुआ। आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्री जी की पावन सन्निधि में तिरूवन्नामलै से समागत मुमुक्ष प्रेक्षा के भावी जीवन की शुभकामनाएँ दी गई। धुलिया समाज द्वारा आयोजित इस मंगलभावना समारोह को,सम्बोधित करते हुए विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्री जी ने कहा-- आत्म जिज्ञासा के लिए भौतिक सुख -सुविधाओं का त्याग संन्यास है। बगड़ी के धर्मचन्द्र जी सेठिया की पौत्री प्रेक्षा अपनी अनुजा श्वेता के साथ उसी महापथ की राही बन रही है। गौतम जी सेठिया व सरला सेठिया के सुसंस्कारों की बदौलत यह वज्रसंकल्प ले रही है। 11 नवम्बर को समणश्रेणी में प्रविष्ट हो यह तेरापंथ की धवलसेना में सम्मिलित हो जाएगी। हम उसके वैराग्य, ज्ञान दर्शन आदि की वृद्धि की शुभकामना करते हैं। साध्वीश्री डॉ योगक्षेमप्रभाजी ने अपने संयोजकीय वक्तव्य में कहा-- तिरूवन्नामलै के 2001 के प्रवास में हमारे पीछे -पीछे दौड़नेवाली बालिका सचमुच हमारी राहों पर आगे बढ़ेगी-सोचा नही था। प्रबल वैराग्य एवं ज्ञान की धरोहर के साथ प्रेक्षा स्वप्रेक्षा करने गुरूचरणों में जा रही है। 11 वें माह की 11 तारीख को ग्यारहवें आचार्यप्रवर से नवजीवन का मंत्र पा रही है। दीक्षार्थी मुमुक्ष प्रेक्षा सेठिया ने अपने भावों की प्रस्तुति करते हुए कहा -- 8 वर्ष की उम्र में आपके द्वारा सिंचित संस्कार मानो समय पाकर जाग गए। साध्वीश्री हमारे पूरे परिवार पर आपका जो उपकार है वह हम कभी नहीं भूल सकते । मेरा यह सौभाग्य है कि मुझे चैन्नै में श्री चरणों में समर्पित होने का स्वर्णिम अवसर मिला है। साध्वीश्री लावण्यप्रभाजी, साध्वीश्री कुंदनयशाजी, साध्वीश्री मुदितप्रभाजी व साध्वीश्री मधुरप्रभाजी " संयम की राहों पर.." गीत के मधुर संगान से दीक्षार्थी के प्रति मंगलकामना की । राष्ट्रीय जीवन विज्ञान अकादमी के पूर्व अध्यक्ष गौतम जी सेठिया ने कहा --तेरापंथ धर्मसंघ के अनमोल रत्न तुल्य साधु -साध्वीयों में एक है। विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्री । मै यह मेरा परम सौभाग्य मानता हूँ जो आपश्री के चरण हमारे आँगन में टिके । पूरे परिवार के संस्कारों को और सढृढ़ बनाने में आपने व सहवर्ती साध्वियों ने अथक श्रम किया। इसी की परिणति है आज प्रेक्षा यहां दर्शन करने आई है। तेरापंथ सभा के मंत्री विनोद जी घुड़ीयाल,तेयुप अध्यक्ष दिनेश सूर्या, मंत्री विजय सेमलाणी,तेममं की अध्यक्ष संगीता सूर्या,संगीता बेदमुथा,पूजा बेदमुथा आदि ने अपने हदयोद्गार प्रकट किए। पिंपलनेर से समागत सोनाली सुनिल गोगड़ ने मधुर गीत से दीक्षार्थी के प्रति शुभकामनाएँ प्रकट की ।-दीक्षार्थी के अनुज गणेशगौरव ने छोटी सी उम्र में अत्यंत सहजता व सरसता से वे बोले प्रकट की जो,बड़ों -बड़ो के लिए भी बड़ा कठिन कार्य है।श्रीमती शान्तादेवी तनेजा ने दीक्षार्थी को माला पहनातें हुए शीघ्र संयम का हार पहनने की अभिलाषा व्यक्त की। तेरापंथ सभा की और से मुमुक्ष प्रेक्षा के परिजनों का साहित्य व अभिनंदन पत्र से सत्कार किया। कार्यक्रम अत्यंत ही रोचक व प्रेरक रहा । तेरापंथ महिला मंडल की बहनों ने " सदा खुश रहना ",गीत से बधाई व बिदाई दी। मंच संचालन साध्वीश्री योगक्षेमप्रभाजी ने सरसता से कुशलतापूर्वक किया।

प्रेषक --संगीता सूर्या
तेममं अध्यक्ष धुलिया

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