30.06.2019 ►Jalgaon ►Acharya Mahapragya Birth Centenary Celebration

Posted: 05.07.2019

Jalgaon: 30.06.2019


Acharya Mahapragya Birth Centenary celebrating organised in presence of Sadhvi Nirvan Shree, Sadhvi Yogkshem Prabha, Sadhvi Lavniy prabha, Sadhvi Kundan Yasha, Sadhvi Mudit Prabha, Sadhvi Madhur Prabha.


जलगाँव मे महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी का शानदार आगाज
तेरापंथ सभा जलगाँव के तत्वाधान में खान्देश के प्रमुख शहर जलगाँव में महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी का विलक्षण शुभारंभ
महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ठाणा-6 के पावन सान्निध्य में महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी समारोह का शुभारंभ श्रद्धा एवं भक्तिमय माहौल मे शानदार ढंग से हुआ. गुरुदेव महाप्रज्ञजी के प्रति श्रद्धार्पण करते हुए विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने कहा - आचार्य श्री महाप्रज्ञजी का मेरे पर अनंत-अनंत उपकार है. 19वर्ष तक मैने आपकी साक्षात सन्निध में बहुत कुछ पाया है. आचार्य श्री महाप्रज्ञ के प्रति समर्पण से गुरुदेव कालूगणी और गणाधिपति तुलसी के प्रति सहज श्रद्धाभिव्यक्ति हो जाती है. आचार्यश्री महाप्रज्ञ उन दो महापुरुषों के तराशे हुए हीरे थे. आचार्य श्री महाप्रज्ञजी की असीम कॄपा से आगम स्वाध्याय करने का अनमोल अवसर मिला. रिसर्च एवं साधना के जो दुर्लभ क्षण मुझे मिले वे मेरे जीवन के धरोहर बन गए.
प्रबुद्ध् साध्वी डॉ योगक्षेमप्रभाजी ने अपने संयोजकीय वकतव्य में कहा - जिनके शब्दों में संजीवन या जो मूर्छित में भी चेतनता भरता था. जिनका वचन, पथ दर्शन राह की हर बाधा को हर लेता था, जिनके मन में शिशु की सरलता, वचन में ओजस्विता और चिंतन में दर्शन की गंभीरता थी.
भुसावल के आमदार संजयजी सावकारे ने आचार्यश्री महाप्रज्ञजी के व्यक्तित्व एवं कर्तॄत्व की अभिव्यक्ति में कहा जिन्होनें विश्व में अहिंसा एवं शांति का संदेश देकर महान उपकार किया, वे हमारे जीवन के नियंत्रक थे.
प्रेक्षा प्रशिक्षक राजेंद्रजी मोदी ने अपने जीवन के स्वर्णिम अनुभवों को बाटते हुए आचार्य महाप्रज्ञजी के प्रति श्रद्धा समर्पित की. साध्वी लावण्यप्रभाजी, साध्वी कुंदनयशाजी, साध्वी मुदितप्रभाजी एवं साध्वी मधुरप्रभाजी ने ‘गुरु चरणों मे श्रद्धा का हम अर्ध्य चढातें है’ गीत के साथ विभिन्न स्वर लहरियों में गीतों की प्रस्तुति दी.
कार्यक्रम का शुभारंभ महाप्रज्ञजी अष्टकम से हुआ जिसे जलगाँव ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं ने स्वर दिया. प्रशिक्षिका मीनाजी साबद्रा नें ‘आत्म सात्क्षाकार’ गीत की सुंदर प्रस्तुति दी. श्री मिश्रीमलजी चौधरी, राजेश धाड़ेवा, वर्षा चोरडिया आदि ने उद्गार व्यक्त किए. कार्यक्रम के संयोजक राजकुमारजी सेठिया ने कॄतज्ञता की अभिव्यक्ति के साथ अतिथियों के सम्मान का दायित्व निभाया. तेरापंथ सभा के कर्मठ अध्यक्ष माणकचंदजी बैद ने सबका स्वागत करते हुए माननीय विधायक संजयजी का साहित्य से स्वागत किया. सह-संयोजक चारित्र्यजी बैद ने राजेंद्रजी का सम्मान किया. जलगाँव तेरापंथ समाज व्दारा ‘गुरु महाप्रज्ञ की जन्म सदी’ गीत की समवेत स्वरों मे भावपूर्ण प्रस्तुति दी.
शताब्दी समारोह का शुभारंभ कार्यक्रम जैन हिल्स के सुरम्य प्रागंण में गांधी तीर्थ के कस्तुरबा गांधी ऑडिटोरियम में हुआ. इस अवसर पर सुरत, मुंबई, ठाणे, धुलिया, खामगाँव, अमलनेर, धरणगाँव, लोहारा, जामनेर, नशिराबाद, दोंडाईचा, भुसावल आदि अनेक क्षेत्रों से सैकडों भाई-बहनों ने उपस्थित होकर ‘आराध्य की गुणोत्कीर्तना’ की.
मंच संचालन साध्वी श्री डॉ योगक्षेमप्रभाजी ने अत्यंत प्रभावक शैली में किया. इस अवसर पर ‘ऊँ ह्री महाप्रज्ञ गुरुवे नम:’ के सवा करोड़ जाप अनुष्ठान का शानदार आगाज हुआ.

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