17.05.2011 ►Acharya Mahashraman Teaching Art Of Living ◄ Muni Madankumar

Posted: 17.05.2011
Updated on: 02.07.2015

News In English

Location:

Tapra

Headline:

Acharya Mahashraman Teaching  Art Of Living ◄ Muni Madankumar

News:

Muni Madan kumar was speaking at Terapanth Bhavan, Tapra on occasion of Amrit Mahotsav. He outlined many qualities of Acharya Mahashraman. Described him person of great knowledge.  Muni Komal Kumar and Muni Shantipriya also spoke on occasion.

News in Hindi:

‘मानवता के पोषक है आचार्य महाश्रमण’

Jain Terapnth Newsबालोतरा   17 May-2011(जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो)

अभयदाता और ज्ञानदाता अमृत पुरुष होता है तथा ऐसे पुरूष के पवित्र जीवन से जनजीवन आलोकित होता है। निकटवर्ती टापरा स्थित तेरापंथ भवन में आयोजित अमृत महोत्सव के दौरान प्रवचन देते हुए मुनि मदन कुमार ने ये विचार व्यक्त किए। मुनि ने कहा कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला व्यक्ति ही महापुरूष होता है। आचार्य महाश्रमण मानवता के संपोषक है। वे अकिंचन और निस्पृह पुरूष है तथा ऐसे पुरूष ही राष्ट्र के गौरव होते हैं। कार्यक्रम में महंत नारायण भारती ने कहा कि आचार्य तुलसी और आचार्य महाप्रज्ञ विश्व गुरू थे। आचार्य महाश्रमण गुरू परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं जो मानव जाति का सौभाग्य है। इस अवसर पर मुनि कोमल कुमार, मुनि शांतिप्रिय, गौतमचंद सालेचा, बाबूलाल लूंकड़, शांतिलाल भंसाली, चेतना संकलेचा, प्रेमराज पालगोता, राणमल संकलेचा, चांदनी, राहुल, प्रकाश श्रीश्रीमाल एवं कन्या मंडल ने उद्गार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन पीयूष बालड़ एवं मिलन संकलेचा ने किया। इस अवसर पर सांगाराम, समाजसेवी विनोद कुमार गोठी, भैरूसिंह, प्रवीण बागरेचा, अरविंद गोलेच्छा एवं प्रकाश संकलेचा सहित कईश्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे। 

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