30.06.2011 ►Balotara ►Prajna Diwas Celebrated

Posted: 30.06.2011
Updated on: 21.07.2015

News in English:

Location:

Balotara

Headline:

Prajna Diwas Celebrated

News:

Sadhvi Chandkumari said Acharya Mahaprajna was great thinker. To describe life of such person is not only difficult but impossible. Sadhvi Tilak Shree, Sadhvi Gulab Kumari, Sadhvi Kamalprabha and Sadhvi Bhanu Kanwar also spoke.

News in Hindi:

प्रज्ञा दिवस के रूप में मनाया आचार्य महाप्रज्ञ का जन्म दिवस।

अणुव्रत कार्यों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

बालोतरा 30 JUNE 2011 (जैन तेरापंथ समाचार न्यूज ब्योरो 

स्थानीय नवकार परिसर में बुधवार को आचार्यमहाप्रज्ञ का जन्म दिवस प्रज्ञा दिवस के रूप में मनाया गया।मंगलाचरण के बाद तेरापंथ सभा के अध्यक्ष घेवरचंद मेहता ने प्रज्ञा की अभिवंदना करते हुए आगंतुकों का स्वागत किया।

अणुव्रत समिति के ओम बांठिया ने कहा कि आचार्य के आध्यात्मिक जीवन से उन्हें जीने की प्रेरणा मिली।उन्होंने अणुव्रत के कार्योँ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।युवती मंडल व युवक परिषद के सदस्यों ने गीतों के माध्यम से प्रज्ञा का वर्धापन किया। कन्या मंडल ने आचार्यमहाश्रमण के सानिध्य में संपन्न हुए कन्या अधिवेशन का काव्यात्मक शैली में चित्रण किया।कार्यक्रम के दौरान युवक परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ललित जीरावला, महिला मंडल अध्यक्ष पुष्पा जैन, साध्वी संकल्पप्रभा आदि ने भी अपने विचारों की अभिव्यक्ति दी। वहीं साध्वीवृंदों के सप्तर्षि मंडल ने महाप्रज्ञ शब्द एक रूप अनेक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।सोहनराज मेहता ने कहा कि जो व्यक्ति अपने जीवन को आध्यात्म और मानवता की सेवा में लगाता है वह अमर बन जाता है।साध्वी तिलकश्री ने ममता, समता और क्षमता के महासमुद्र की अभिवंदना करते हुए प्रज्ञा का विभिन्न कोणों से बखान किया। साध्वी कमलप्रभा ने महाप्रज्ञ को अवतारी पुरूष बताते हुए आत्मदृष्टा, युगदृष्टा और भविष्यदृष्टा के रूप में उनके व्यक्तित्व को उजागर किया।साध्वी गुलाब कुमारी ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य हैकि इस कलयुग में हमें सतयुग का अहसास करवाने वाले आचार्य महाप्रज्ञ का वरदहस्त व अनुशंषा मिली।साध्वी भानुकंवर ने महाप्रज्ञ जीवन ग्रंथ की एतिहासिकता का चित्रण किया।कार्यक्रम के अंत में जन समुदाय को संबोधित करते हुए साध्वी चांदकुमारी ने कहा कि महापुरूषों के जीवन का व्याख्यान करना अत्यंत कठिन कार्यहै।उन्होंने कहा कि आचार्यमहाप्रज्ञ व्यक्ति नहीं विचार थे।

 

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