16.09.2011 ►Kelwa ►Jeevan Vigyan Provides Complete Education ► Muni Kishanlal

Posted: 16.09.2011
Updated on: 21.07.2015

Short News in English

 

 

Location:

Kelwa

Headline:

Jeevan Vigyan Provides Complete Education ► Muni Kishanlal

News:

Muni Kishanlal told that Jeevan Vigyan provides complete education. He was addressing teachers of Rajsamand District. Jeevn Vigyan provides a healthy, peaceful and blissful life.

News in Hindi

Entirety of life science education - जीवन विज्ञान की शिक्षा से संपूर्णता

Entirety of life science education

केलवा १६ सितेम्बर २०११ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

Professor Ward said kishan Lal Muni Tn Kelwa for the overall development of life sciences is required. The emphasis is on career education. इसके साथ जीवन विज्ञान की शिक्षा संपूर्णता की ओर अग्रसर होती है। यह विचार उन्होंने शुक्रवार को जीवन विज्ञान प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन राजसमंद जिले के शिक्षकों को संबोधित करते हुए कॉन्फ्रेंस हॉल में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जीवन विज्ञान स्वस्थ, शांत और आनंदपूर्ण जीवन of that role. Person to be healthy, but do not want to. Comes a sense of calm away from his practice runs. Through this biological balance, awareness and professions of faith may be possible to refine. Morning session on Shivirarthaion asanas, pranayama, meditation and personality development classes Anuprecsha Himanshu Kumar Muni, Muni Neeraj Kumar, Mahendra Kumawat and Girijashankr Dubey instructor described the various nuances. The purpose of the law committee's general secretary Surendra Kothari and life sciences are conducted under the auspices of the Academy Ladnun Rajsamand district in the camp, scout, teacher, teacher and teachers connected to Parliament Anuwrt teachers taking part. The camp will end 17 September. The third day of camp

जीवन विज्ञान की शिक्षा से संपूर्णता

केलवा १६ सितेम्बर २०११ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो उदयपुर

प्रेक्षा प्राध्यापक मुनि किशनलाल ने कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए जीवन विज्ञान की आवश्यकता है। इसमें आजीविका की शिक्षा पर भी बल दिया जाता है। इसके साथ जीवन विज्ञान की शिक्षा संपूर्णता की ओर अग्रसर होती है।

यह विचार उन्होंने शुक्रवार को जीवन विज्ञान प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन राजसमंद जिले के शिक्षकों को संबोधित करते हुए कॉन्फ्रेंस हॉल में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि जीवन विज्ञान स्वस्थ, शांत और आनंदपूर्ण जीवन की भूमिका का निर्वाह करता है। व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता है, लेकिन प्रयोग नहीं करना चाहता। शांत रहने की भावना आती है पर उसका अभ्यास करने से दूर भागता है। जीवन विज्ञान से जीवन को संतुष्ट बनाने के लिए भौतिक सुविधाओं के साथ आध्यात्म का विकास भी आवश्यक हो गया है। इसके माध्यम से जैविक संतुलन, आस्था का जागरण और वृत्तियों का परिष्कार संभव हो सकता है। प्रात:कालीन सत्र में शिविरार्थियों को आसन, प्राणायाम, ध्यान, अनुप्रेक्षा और व्यक्तित्व विकास की कक्षाओं में मुनि हिमांशु कुमार, मुनि नीरज कुमार, प्रशिक्षक महेंद्र कुमावत और गिरिजाशंकर दुबे ने विभिन्न बारीकियां बताई। व्यवस्था समिति के महामंत्री सुरेन्द्र कोठारी के प्रयोजन और जीवन विज्ञान अकादमी लाडनूं के तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस शिविर में राजसमंद जिले के स्काउट, शिक्षक, अणुव्रत शिक्षक संसद से जुडे शिक्षक और शिक्षिकाएं हिस्सा ले रही है। शिविर का समापन 17 सितम्बर को होगा।

शिविर का तीसरा दिन

 

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