03.01.2012 ►Terapanth News 2

Posted: 03.01.2012
Updated on: 21.07.2015

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Tapara: 03.01.2012

Four Days Camp Held for Children in Presence of Sadhvi Ujjwal Rekha

News in Hindi

बच्चों में संस्कारों का जागरण जरुरी: साध्वी

टापरा में चार दिवसीय शीतकालीन निर्माण शिविर का आयोजन

जसोल ३ जनवरी २०१२ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

संस्कृति और सभ्यता का जहाज आज अर्थ के समुद्र में डूबता जा रहा है। वर्तमान समय में बच्चों में संस्कारों का जागरण अत्यंत आवश्यक हो गया है। हमारी भावी पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में तो विकास कर रही है लेकिन परिवार और समाज के प्रति उनके स्नेह का धागा धीरे-धीरे टूटता जा रहा है। टापरा गांव में आयोजित शीतकालीन संस्कार निर्माण शिविर में साध्वी उज्ज्वल रेखा ने ये विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि आधुनिक चैनलों पर परोसी जा रहे कार्यक्रमों से भारतीय संस्कृति के नैतिक मूल्य धूमिल होते जा रहे हैं। संस्कारों के पतन के चलते ही आज 8 साल के बच्चे के खुदकुशी करने, 5 साल के बच्चे के नाराज होकर घर से चले जाने जैसी कई खबरें सुनने को मिल रही है। पाश्चात्य सभ्यता का अंधाधुंध अनुकरण कर हम ऋषि प्रधान देश भारत की सभ्यता को साकार करने की कल्पना भी नहीं कर सकते। साध्वी ने कहा कि बच्चों का जीवन कच्ची मिट्टी के समान होता है जिसे हम अपनी इच्छानुसार रूप दे सकते हैं।

उन्होंने माता-पिता से बच्चों को बाल्यकाल से ही अच्छे संस्कारों की सीख देने का आह्वान किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या मंडल के मंगलाचरण से हुआ। साध्वी अमृतप्रभा ने धर्म, संस्कृति व संस्कारों के गुर बताए। साध्वी स्मितप्रभा ने योगासन, ध्यान, मुद्रा व ध्वनि के प्रयोग कराए। कन्या मंडल की उपसंयोजिका सोनू, चांदनी व अन्य सदस्यों की ओर से व्यवस्थाओं को अंजाम दिया गया। तेरापंथ सभा के मंत्री बाबूलाल वडेरा व कालूराम ने कन्या मंडल व ज्ञानशाला के बच्चों को पारितोषिक प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया!

 

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