11.03.2012 ►Acharya Mahashraman ►Purification of Soul is Necessary

Posted: 11.03.2012
Updated on: 02.07.2015

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Jojawar: 11.03.2012

Purification of Soul is Necessary: Acharya Mahashraman

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आत्मा का शुद्धीकरण जरूरी: आचार्य श्री महाश्रमणजी
जोजावर ११ मार्च २०१२ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो


आचार्य महाश्रमण ने कहा कि व्यक्ति को शरीर के साथ ही आत्मा व मन का शुद्धीकरण कर अच्छे विचारों को प्रकट करना चाहिए। इससे व्यक्ति का जीवन महान बनता है। महाश्रमण शनिवार को जोजावर कस्बे में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि व्यापार के साथ नैतिकता का ध्यान रखने से शुद्ध लाभ मिलता है। साथ ही शुद्ध धन से मन भी शुद्ध होता है और बुरे विचारों का नाश होता है। महाश्रमण ने कहा कि मनुष्य वर्तमान में व्यस्तता भरी जिंदगी जी रहा है। ऐसे में थोड़ा समय अच्छे कार्य या प्रभु भक्ति के लिए लगाना चाहिए, ताकि हर वक्त मन प्रसन्न रह सके। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे।

जोजावर. महाश्रमण के स्वागत समारोह में मौजूद श्राविकाएं एवं छात्राएं।

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Source/Info

Jain Terapnth News

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Sushil Bafana