07.02.2013 ►Tapara ►Sadhana is Important for Every Monk► Acharya Mahashraman

Posted: 07.02.2013
Updated on: 06.05.2015

ShortNews in English

Tapara: 07.02.2013

Acharya Mahashraman said that aim of every monk is to do good Sadhana. Sadhana of all monks are not same. Inspiration can be helpful to make Sadhana powerful. 

News in Hindi

प्रेरणा से संन्यास में तेजस्विता को बढ़ाया जा सकता है'

पॉप स्टार दलेर मेहंदी ने गाए भक्ति गीत

जय मर्यादा समवसरण में आचार्य महाश्रमण ने बताया साधु की साधना का महत्व

मंगलवार रात मशहूर पॉप स्टार दलेर मेहंदी ने अपने लोकप्रिय गीतों के साथ भक्ति गीत भी सुनाए। दलेर मेहंदी मंगलवार को ही टापरा पहुंचे। उन्होंने वहां आचार्य महाश्रमण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में शाम 8 बजे आयोजित संगीत कार्यक्रम में लोकप्रिय गीत बोलो तारा...रा...रा...के साथ भक्ति गीत आई लव यू भिक्षु स्वामी भी सुनाकर मंत्र मुग्ध कर दिया।



टापरा (बालोतरा) 07 फरवरी जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

'हर साधु की साधना एक समान हो, यह आवश्यक नहीं है।' यह उद्बोधन आचार्य महाश्रमण ने बुधवार को टापरा के जय मर्यादा समवसरण में प्रात:कालीन प्रवचन सभा में दिए।

उन्होंने कहा कि कोई साधु साधना की दृष्टि से आगे बढ़ा हुआ होता है तो कोई साधु काफी पीछे भी हो सकता है। लक्ष्य यह रहना चाहिए कि साधक द्रुत गति से मंजिल की ओर आगे बढ़े। जिसमें तेजस होता है वह बलवान होता है।

तेजस्विता महत्वपूर्ण है। आचार्य ने कहा कि यदि व्यक्ति को प्रेरणा देने से या बार-बार पूछा या कहा जाए तो तेजस्विता प्रकट हो सकती है। प्रेरणा से तेजस्विता बढ़ जाती है। आचार्य तुलसी सर्वजनों को प्रेरणा से आगे बढ़ाने का प्रयास करते थे। तेजस्विता दिशा और दशा को आलोकित करने वाली होती है। आचार्य महाप्रज्ञ ने प्रेक्षाध्यान से लोगों को तेजस्वी बनाया।

साधु के जीवन में संयम की साधना महत्वपूर्ण होती है। संयम में जागरूकता है तो संन्यास तेजस्वी हो सकता है। आकाश में जब बादल सूर्य के आगे आ जाता है तो सूर्य भी मंद नजर आता है साफ आसमान में सूर्य भी तेजोमय नजर आता है। इसी प्रकार मोह के सघन के आवरण के कारण हमारा संन्यास मंद पड़ जाता है। आचार्य ने अनेको उदाहरण देते हुए कहा कि व्यक्ति को पानी, धन आदि का संयम भी करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अति राग-अति मोह साधु को किसी से नहीं होना चाहिए। साध्वी प्रमुखा ने तेजस्वी-संन्यास-तेजस्वी शासन के विषय पर संन्यास, संयम, साधना के विचारों से सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन मुनि दिनेश कुमार ने किया।

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