21.04.2013 ►Nathdwara and Udaipur ►Acharya Bhikshu Remembered on Abhinishkraman Day

Posted: 24.04.2013
Updated on: 21.07.2015

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Nathdwara and Udaipur: 21.04.2013

Muni Rakesh Kumar at Udaipur and Muni Jinesh Kumar at Nathdwara remembered Acharya Bhikshu. His life and contribution remembered.

News in Hindi

आचार्य भिक्षु को याद किया

नाथद्वारा. 19 अप्रेल 2013 जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो
मुनि राकेश कुमार ने कहा कि आचार्य भिक्षु सत्य के रक्षक व मनोबली पुरुष थे। उन्होंने विरोधों के तूफान के बीच भी सत्य की लौ जलाए रखी। इसलिए वे आज याद किए जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में तेरापंथ धर्मसंघ ने नई ऊंचाइयों को छूआ। हालांकि उनका मकसद पंथ चलाना नहीं था। वे केवल सत्य के मार्ग पर चलना चाहते थे। वे शनिवार को भिक्षु अभिनिषक्रमण दिवस पर तेरापंथ सभा भवन में प्रवचन कर रहे थे। सभा को मुनि दीप कुमार, सभा मंत्री सुभाष सामोता, कांतिलाल धाकड़, जसवंत बेन डागलिया, सुधा तलेसरा, महिला मंडल अध्यक्ष मंजू मुथा ने संबोधित किया। इस अवसर पर मुनि सुधाकर, रोशन बाफना, मोहनलाल छाजेड़, सभा अध्यक्ष कमलेश धाकड़, देवीलाल वागरेचा, तेजसिंह चपलोत, सुरेन्द्र सिंघवी, रमेश सोनी सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। मुनि एक दिन का विहार कर रविवार को बड़ारड़ा होते हुए लाडनूं के लिए प्रस्थान करेंगे।


जोधपुर समाचार
जोधपुर. अप्रेल जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो
तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण के शिष्य मुनि जिनेश कुमार के सान्निध्य में शनिवार को आचार्य भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस गुलाब नगर में मनाया गया। इस मौके पर मुनि ने कहा कि आचार्य भिक्षु ऊर्जा के महान स्रोत व आत्मोदय के उत्प्रेरक थे। वे अहिंसा व सत्य के पुजारी थे।

उन्होंने कहा कि आचार्य भिक्षु दूरदर्शी होने के साथ ही सूझबूझ व मेधा के धनी थे। उनकी जिनवाणी के प्रति अटूट आस्था थी। उनकी वाणी कबीर की तरह सहज, सरल व चोट करने वाली थी।

उनका जीवन संघर्ष से भरा हुआ था। उनकी संपूर्ण जिंदगी अभावों में गुजरी, लेकिन वे कभी हताश नहीं हुए। इस अवसर पर मुनि परमानंद ने गीत प्रस्तुत किए। मुनि अजयप्रकाश ने भी विचार व्यक्त किए। जितेंद्र गोगड़ ने भी गीत सुनाए।

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Source/Info

Jain Terapanth News
JTN

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Sushil Bafana