19.06.2013 ►Jodhpur ►Acharya Mahashraman Reached Jodhpur

Posted: 19.06.2013
Updated on: 21.07.2015

ShortNews in English

Jodhpur: 19.06.2013

Acharya Mahashraman has Reached Jodhpur. He told name is not important but work is important in his first message to public of city.

News in Hindi

तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य जोधपुर पहुंचे, आज अमर नगर आएंगे

दो संत मिले, दो धाराओं का मिलन
संस्कार इंटरनेशनल स्कूल में संत रामप्रसाद महाराज महाश्रमण से मिले। दो संत मिले तो जैसे दो धाराओं का मिलन हुआ, अध्यात्म की गहराइयों पर चर्चा हुई। संत रामप्रसाद महाराज ने कहा- हमारे पुण्य हैं कि आचार्य महाश्रमण जोधपुर आए। उनकी साधना, भक्ति व शांत छवि देखने मात्र से मन में भक्ति पैदा हो जाती है।

आशीर्वाद पाकर धन्य हुआ: गजसिंह
महाश्रमण के महान व्यक्तित्व से साक्षात्कार करने के लिए शहर के लोगों में अपार उत्साह है। ऐसे ही अवसर पर पूर्व नरेश गजसिंह भी उनसे मिले और आशीर्वाद लिया। गजसिंह बोले, 'इस महान व्यक्तित्व से आशीर्वाद लेना गौरव की बात है। मुझे आचार्य तुलसी का आशीर्वाद भी मिला था। आज महाश्रमण से आशीर्वाद पाकर धन्य हो गया हूं।'

महाश्रमण जनकल्याण के साक्षात सूर्य: जिनेश मुनि
इस मौके पर जिनेश मुनि ने कहा- 'महाश्रमण यहां आए, बहुत खुशी हुई। मानो भगवान खुद चलकर हमारे यहां आए हैं, यह मेरा सौभाग्य है। महाश्रमण साधना, जन कल्याण, आत्म कल्याण, अहिंसा और तपस्या के साक्षात सूर्य हैं। हम सभी उनके महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लें और जीवन धन्य करें।' इस मौके पर साध्वी मलयश्री, साध्वी संबुद्धयशा ने महाश्रमण का स्वागत किया। मुनि विश्रुत कुमार ने भी स्वागत किया। संस्कार इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल आशीष तिवाड़ी, पूर्व पार्षद प्रदीप गांग, सरदारपुरा सभा मंत्री विजय मेहता, स्वाति मेहता, डॉ. सोहनलाल तातेड़, बाबूलाल सिंघवी ने भी स्वागत किया। संचालन मुनि दिनेश कुमार ने किया।

जोधपुर 19 जून 2013 जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो


तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण ने कहा है कि जीवन में नाम का नहीं काम का महत्व ज्यादा है। जिसके जीवन में अहिंसा धर्म है वही व्यक्ति ही सही मायने में धार्मिक है। आचार्य ने मंगलवार को संस्कार इंटरनेशनल स्कूल के प्रागंण में साधकों को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में धर्म आ गया तो मंगल अपने आप आ जाएगा। अहिंसा, संयम, तपस्या तीनों ही जीवन के मूल मंत्र के साथ धर्म हैं। जीवन में धर्म नहीं होने से आत्मा का कल्याण नहीं होगा।

खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए संस्कार जरूरी
जोधपुर 19 जून 2013 जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

संस्कार इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित दंपती शिविर में आचार्य महाश्रमण ने कहा कि खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए संस्कार, संप, संपत्ति जरूरी है। विवाह गृहस्थ की सांसारिक दीक्षा है। संस्कार अच्छे होने से पारिवारिक शांति बनी रहती है। इस मौके पर साध्वी कनकप्रभा ने दांपत्य जीवन को सफल बनाने के गुर बताते हुए कपल शब्द की व्याख्या की। कार्यक्रम में मुनि दिनेश कुमार, मुनि जिनेश कुमार व मुनि कुमार शरमण ने भी संबोधित किया। शिविर में 132 दंपतियों ने भाग लिया। संचालन मर्यादा कुमार व चंदा कोठारी ने किया। आभार महावीर चौपड़ा व आशा देवी सिंघवी ने जताया।

राजनीति में सेवा भाव रखने वाले को चुनें
जोधपुर 19 जून 2013 जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

आचार्य महाश्रमण ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान देश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए कहा कि राजनीति में आने वाले लोगों को सेवा का भाव रखना जरूरी है। शासन चलाने के लिए जिसे चुनना है वह अयोग्य नहीं होना चाहिए। सेवा भाव और सिद्धांत से चलने वालों को ही महत्व दिया जाना चाहिए। महाश्रमण ने बताया कि अहिंसा यात्रा के दौरान वे लोगों को नशे की प्रवृत्ति त्यागने, नैतिक मूल्यों के प्रति गंभीर रह कर कार्य करने और ईमानदारी से काम करने का संदेश देते हैं। अहिंसा यात्रा के दौरान वे राजस्थान, गुजरात सहित अन्य जगहों पर गए, यात्रा आगे भी जारी रहेगी। आचार्य महाप्रज्ञ ने अहिंसा यात्रा प्रारंभ की थी। उनके साथ कई जगह जाने का मौका मिला। उनकी यात्रा को ही आगे बढ़ाते हुए प्रयास रहता है कि यात्रा के दौरान लोगों का प्रेरित करें कि वे जीवन में अच्छे अचार विचार अपनाने के साथ बुराइयों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को जीवन में नैतिक मूल्यों के साथ सिद्धांतों पर चलना चाहिए।

जोधपुर जून जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण ने कहा है कि जीवन में नाम का नहीं काम का महत्व ज्यादा है। जिसके जीवन में अहिंसा धर्म है वही व्यक्ति ही सही मायने में धार्मिक है। आचार्य ने मंगलवार को संस्कार इंटरनेशनल स्कूल के प्रागंण में साधकों को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में धर्म आ गया तो मंगल अपने आप आ जाएगा। अहिंसा, संयम, तपस्या तीनों ही जीवन के मूल मंत्र के साथ धर्म हैं। जीवन में धर्म नहीं होने से आत्मा का कल्याण नहीं होगा।

जोधपुर पहुंचने पर आचार्य का स्वागत
जून जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो


सुबह साढ़े सात बजे आचार्य महाश्रमण जब साधु-साध्वियों के साथ संस्कार इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे तो जैन समुदाय के लोगों ने उनकी अगवानी की। कार्यक्रम में तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष बसंत तातेड़, आचार्य प्रवास व्यवस्था समिति के संयोजक बाबूलाल सिंघवी, कैलाशराज सिंघवी, उम्मेदमल सिंघवी, शांतिलाल चौपड़ा, विजयराज मेहता, हनुवंतराज मेहता, डॉ. एकलव्य भंसाली, भोपालचंद लोढ़ा, विमलराज सिंघवी, सुशीला बोहरा, सरिता कांकरिया, सुशीला भंसाली, छत्रसिंह भंडारी, प्रो. सोहनराज तातेड़, कैलाश टाटिया, जिला प्रमुख दुर्गा बलाई सहित अनेक लोग उपस्थित थे। आचार्यश्री प्रवास व्यवस्था समिति के प्रवक्ता कैलाशराज सिंघवी ने बताया कि आचार्य महाश्रमण बुधवार सुबह पाल रोड भंसाली भवन पहुंचेंगे। यहां से रैली के रूप में अमर नगर में प्रवेश करेंगे। यहां महाश्रमण का स्वागत व अभिनंदन किया जाएगा। सुबह नौ बजे 'विकास की दिशा' व रात्रि साढ़े आठ बजे 'समय का मूल्यांकन' विषय पर महाराज राजाराम शिक्षण संस्थान अमर नगर में कार्यक्रम होंगे।

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