26.06.2013 ►Sujangarh / Ratangarh ►17th Mahaprayan Day of Acharya Tulsi Celebrated in Presence of Panmal and Muni Girish Kumar

Posted: 28.06.2013
Updated on: 30.04.2015

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Sujangarh / Ratangarh: 26.06.2013

17th Mahaprayan Day of Acharya Tulsi Celebrated in Presence of Panmal and Muni Girish Kumar.

News in Hindi

नैतिकता व चुनाव शुद्धि पर संगोष्ठी

सुजानगढ़ व रतनगढ़ में आचार्य तुलसी के महाप्रयाण दिवस पर आयोजन



सुजानगढ़ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

आचार्य तुलसी के महाप्रयाण दिवस पर मंगलवार को नैतिकता और चुनाव शुद्धि विषय पर संगोष्ठी हुई।

मुनि पानमल ने कहा कि हमारी दिनचर्या संयम के आधार पर चलती है। आचार्य तुलसी ने कहा था 'संयम ही जीवन है।' मुनि ने कहा कि आचार्य का सपना था कि चुनाव प्रक्रिया में नैतिकता होनी चाहिए। वैसे तो नैतिकता व्यक्ति के जीवन का पक्ष है और चुनाव राष्ट्रीय पक्ष है। चुनाव प्रक्रिया में अगर अनैतिकता रहेगी, तो हमारा राष्ट्रीय तंत्र विकृत हो जाएगा। अणुव्रत आंदोलन से आचार्य तुलसी ने जन-जन को नैतिकता का पाठ पढ़ाया था। इस मौके पर मुनि गिरीश कुमार, तेरापंथ सभा मंत्री विजयसिंह बोरड़, कुलदीप बागरेचा, सुनीता भूतोडिय़ा, रतन भारतीय, अजय चोरडिय़ा, शोभा सेठिया, सरोज बैद व धर्मचंद बोथरा आदि ने विचार व्यक्त किए। संचालन मुनि विनीत कुमार ने किया।

रतनगढ़ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो

संतों का जीवन मानव मात्र व राष्ट्र के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। हमें भी उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को अपने जीवन व व्यवहार में अंगीकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है।

ये विचार विधायक राजकुमार रिणवा ने गोलछा ज्ञान मंदिर में आचार्य तुलसी की 17वीं पुण्यतिथि पर हुई सभा में व्यक्त किए। साध्वी रामकुमारी ने कहा कि आचार्य तुलसी का जीवन महान है। उनके गुणों का वर्णन शब्दों में कर पाना कठिन है। साध्वी लज्जावती ने कहा कि आचार्य के अवदान मानव को युगों-युगों तक आलोकित करेंगे। इस दौरान महिला मंडल ने गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अणुव्रत समिति के अध्यक्ष वैद्य बालकृष्ण गोस्वामी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य भगवानदास सोनी, शंकरलाल शर्मा, प्रधानाचार्य मोहम्मद अनवर कुरैशी, अणुव्रत समिति के मंत्री महावीरप्रसाद ने विचार व्यक्त किए। तेरापंथ सभा के मंत्री कमलसिंह बैद ने आभार व्यक्त किया। उत्तराखंड त्रासदी में दिवंगत हुए हजारों श्रद्धालुओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में साध्वी रामकुमारी व साध्वी वृंद ने हस्तकला प्रदर्शनी का प्रदर्शन किया। संचालन साध्वी सहजप्रभा ने किया।

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