27.02.2025: Jain Terapanth News

Published: 27.02.2025
Updated: 27.02.2025

Updated on 27.02.2025 10:05

अखिल भारतीय तेरापंथ टाइम्स
वर्ष : - 26 अंक : - 20
24 फरवरी - 02 मार्च 2025

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Updated on 27.02.2025 09:35

आचार्य श्री महाश्रमण जी के मंगल प्रवचन की छाया चित्र झलकियाँ २७-०२-२०२५

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*पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री महाश्रमणजी का आज का मंगल प्रवचन लाइव देखनें सुनने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे और सब्सक्राइब करें*
https://www.youtube.com/live/v2ObMwf3Iv4?feature=shared

🙏प्रस्तुति🙏
*अमृतवाणी*

🙏🏻 संप्रसारक🙏🏻
*जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा*
*अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़*

www.youtube.com

27 February 2025 - Acharya Mahashraman - Samagoga ( Gujrat )


विज्ञप्ति
वर्ष : - 30 अंक : - 49
21 - 27 फरवरी 2025

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Posted on 27.02.2025 08:18

🌞 *नवप्रभात के प्रथम दर्शन* 🌞

27 फरवरी, 2025

*प्रस्तुति : अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़*


_*समय के स्वर्णिम हस्ताक्षर*_

*राष्ट्र में फैली हुई बुराइयों का समुचित इलाज है- आचार्यश्री तुलसी द्वारा प्रेरित अणुव्रत आन्दोलन । मैं मानता हूं कि मानव को संयम की ओर प्रेरित करने वाला अगर कोई मिशन है तो वह है अणुव्रत आन्दोलन । इसके छोटे-छोटे नियमों को अपनाकर व्यक्ति सुखी जीवन जी सकता है।*

*- श्री भैरोंसिंह शेखावत पूर्व उपराष्ट्रपति, भारत*

*प्रस्तुति : अणुव्रत मीडिया*

*संप्रसारक : अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज*


*_27 फरवरी_*

सातों सुख सबको मिले, यह
कठिन है। इसलिए सात में से ३/४/५ जितने भी सुख मिलें, उसी में संतुष्ट रहो।
- आचार्य महाश्रमण

*- आदर्श साहित्य विभाग, जैन विश्व भारती*
📱+91 87420 04849, +91 87420 04949, +91 77340 04949
📧
🌐https://books.jvbharati.org

*SAMBODHI E-LIBRARY Audible & Readable Mobile Application*
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https://www.jvbharati.org/app

📲 प्रस्तुति : *आदर्श साहित्य विभाग, जैन विश्व भारती*

📲 संप्रसारक : *अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़*


*27 फरवरी*
*कब क्या हुआ!*
- जाने तेरापंथ के इतिहास को

सन् 1960 में साधु साध्वियों का अपना पुस्तक भंडार लाडनूं सेवाकेंद्र में निर्मित हुआ।

पुस्तक भंडार

शारीरिक संहनन को देखते हुए साधु-साध्वियों को दिया जाने वाला समुच्चय का वजन कम करना चाहिए, यह चिन्तन सामने आया इस चिन्तन के साथ ही जुड़ा हुआ दूसरा बिन्दु था कि अतिरिक्त पुस्तकों को कहां रखा जाए? चिन्तन-मंथन के बाद सन् 1960 (वि. सं. 2017) द्विशताब्दी के अवसर पर लाडनूं सेवा केन्द्र पर दृष्टि टिकी। श्रीमज्जयाचार्य के शासनकाल में वृद्ध एवं रुग्ण साध्वियों के लिए लाडनूं सेवाकेन्द्र की शुरुआत हुई थी। वह स्थान उपयुक्त समझ कर निर्णय लिया गया कि तेरापंथ धर्मसंघ का पुस्तक भंडार वहां रहेगा। उसके बाद दुर्लभ प्राचीन प्रतियां, हस्तलिखित पन्नों वाली पुस्तकें तथा इसी प्रकार की महत्त्वपूर्ण सामग्री वहीं रखी जाने लगी। पुस्तक भण्डार की सुरक्षा का दायित्व एवं सार-संभाल का दायित्व सेवाकेन्द्र में सेवाकार्य के लिए नियोजित अग्रगण्य साध्वी तथा उनकी सहयोगिनी साध्वियों पर रहता है। ज्ञातव्य है कि कुछ मुद्रित प्रतियां एवं संघीय उपयोगी उपकरण पहले से ही सेवाकेन्द्र में रहते थे। पर आज जिस रूप में सेवाकेन्द्र का पुस्तक भण्डार है, वह द्विशताब्दी के अवसर पर किये गये निर्णय की फलश्रुति है।

जैन धर्म को जानने के लिए चैनल से जुड़े - https://whatsapp.com/channel/0029VayfLav6GcG8zAG6gz2G

*समण संस्कृति संकाय*
कार्यालय संपर्क सूत्र-
*9784762373, 9694442373, 9785442373*

📲 प्रस्तुति : *समण संस्कृति संकाय, जैन विश्व भारती*
📲 संप्रसारक : *अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़*


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