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तेरापंथ धर्मसंघ के 9वें अधिाषास्ता आचार्य तुलसी दीक्षा दिवस सम्पन्न
हांसी (हरियाणा), 7 दिसम्बर 2017।
प्रेक्षाप्राध्यापक ‘षासनश्री’ मुनिश्री किषनलालजी के सान्निध्य में व तेरापंथ महिला मण्डल के तत्वावधान में तेरापंथ धर्मसंघ के 9वें अधिषास्ता आचार्य तुलसी का 93वां दीक्षा दिवस आज (7 दिसम्बर 2017) को चैविहार पोरषी करके तेरापंथ भवन हांसी में मनाया गया। जिसमें लगभग 25 श्रावक-श्राविकाओं ने अल्पकालिक तप कर दिवस सार्थक किया।
‘षासनश्री’ मुनिश्री किषनलालजी ने आचार्य तुलसी को वन्दन करते हुए उनकी मुनि दीक्षा व षिक्षा का रोचक वृतांत सुनाया, धर्मसंघ को विषेष ऊंचाईयां प्रदान की। आचार्य तलुसी ने अपने जीवन काल में विरोध को भी विनोद के रूप में लिया। अणुव्रत का प्रवर्तन कर उन्होंने मानव जाति की सेवा की। मुनिश्री ने आचार्य तुलसी के उपकार को नमन करते हुए अपनी भावांजलि अर्पित की। प्रेक्षाध्यान, जीवन विज्ञान एवं चरित्र निर्माण का अलौक कार्य किए।
मुनिश्री निकुंजकुमार ने गीतिका के माध्यम से आचार्य तुलसी का स्मरण किया। प्रेक्षा प्रषिक्षक लाजपतराय जैन ने आचार्य तुलसी को तेरापंथ धर्मसंघ का प्राण बताया। जिन्होंने महिलाओं व समस्त मानव जाति के उत्थान के लिए जीवन पर्यनत कार्य किा। अणुव्रत प्रेक्षाध्यान जीवन विज्ञान उनके महान अवदान है। षिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्य को भुलाया नहीं जा सकता। लाडनूं के विकास की गाथा उनके दीक्षा से ही प्रारम्भ हुई जो आज विष्व भारती विष्वविद्यालय के रूप में स्थापित है। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ महासभा, अणुव्रत महासमिति, अखिल भारतीय महिला मण्डल, युवक परिषद के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के कार्य किए।
इस अवसर पर रूस से दो महिला व उनके दोनों बच्चे भी मुनिश्री किषनलालजी से प्रेक्षाध्यान आदि सिखने के लिए विषेष रूप से हांसी आये हुए हैं। इसके अलावा तेरापंथ महिला मण्डल अध्यक्षा सरोज जैन, कृष्णा जैन, नीरज जैन, अषोक जैन, शीतल जैन, डालचन्द जैन आदि उपस्थित थे।
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Acharya Tulsi Dikshakshan Day concludes 9th session of Teestanth Dharma Sangh
Hansi (Haryana), 7 December 2017
In the presence of observer 'Shishan Lal', Munishri Kishan Lalaji and under the auspices of Teerapanth Mahila Mandal, the 93rd Diksha Diary of Acharya Tulsi, 9th anniversary of the Teerapanth Dharma Sangh was celebrated today (7th December 2017) by chorihari chorishi and the Terrapanth Bhawan was celebrated in Hansi. In which about 25 Shravak-Shravakis have made meaningful in a short-term perspective.
Munshri Kishan Lalji gave Acharya Tulsi an interesting account of his initiation and education, giving special height to Dharma Sangh. Acharya Talasi took the protest in his lifetime as a joke. By the introduction of atom, he served mankind. Munishri offered his Bhavanjali while worshiping Acharya Tulsi. Performed supernatural work of observation, life science and character creation.
Munichi Nikunjkumar remembered Acharya Tulsi through Geetika. Observer Lajpatrai Jain described Acharya Tulsi as the life of Tharpanth Dharma Sangh. Who worked for life for the upliftment of women and all mankind. Atomic auditory life science is his great contribution. His work can not be forgotten in the field of education. The story of Ladenun's development began with his initiation, which is today established in the form of Vishwa Bharati University. Jain Svetambaram Terapanth Mahasabab, Anuvrat Mahasamithi, All India Mahila Mandal, Yuvak Parishad organized the work of nation building.
On this occasion, two women and two children from Russia have also been particularly laughing to teach Munshri Kishanlalji to the auditorium etc. Apart from this, Teerapanth Mahila Mandal Chairperson Saroj Jain, Krishna Jain, Neeraj Jain, Ashok Jain, Sheetal Jain, Dalchand Jain etc. were present.