20.03.2017 ►Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt ►News

Posted: 20.03.2017
Updated on: 21.03.2017

Update

सन्मार्ग के प्रति जिसे अगाध आस्था होती है, उसका पतन नहीं उत्थान होता है- आचार्य श्री विद्यासागरजी #AcharyaVidyasagar

Acharya Shri VidyaSagar Ji Maharaj ke bhakt
आचार्य श्री विद्यासागर जी -De facto follower of Jainism who believes into Rational Perception, Rational Knowledge and Rational Conduct (united)

मुनि श्री क्षमासागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर, मुनि श्री द्वारा आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज के जीवन पर लिखी पुस्तक *आत्मान्वेषी* पर आधारित नाटक - *आत्मान्वेषी* का मंचन; मोराजी, सागर (म. प्र.) की कुछ झलकियाँ

News in Hindi

#AcharyaVidyasagar -आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के बढ़ते क़दम.. अमरकण्टक या डोंगरगढ़

देखो शास्त्राभ्यास की महिमा! उनका होनेसे जीव परंपरा से आत्मानुभव दशा को प्राप्त होता है,उनसे मोक्षरूप फल की प्राप्ति होती है.अरे ऐ तो दूर की बात रही,शास्त्राभ्यास से तत्काल भी कितना गुण प्रगट होता है:

*(१) क्रोधादि कषायों की तो मंदता होती है*
*(२) पंचेनिद्रियो के विषयों में होनेवाली प्रकुति रोकाती है.*
*(३) अति चंचल मन भी ऐकाग्र होता है.*
*(४) हिंसादि पांच पाप होते नहीं.*
*(५) अल्पज्ञान होते हुए भी त्रिलोक के तीन काल संबंधी चराचर पदार्थो का जानना होता है.*
*(६) हेय उपादेय की ओळख होती है*
*(७) आत्मज्ञान सन्मुख होता है(ज्ञान आत्मसन्मुख होता है)*
*(८) अधिक-अधिक ज्ञान होने से आनंद उतपन्न होता है*
*(९) लोक में महिमा/यश विशेष होता है*
*(१०) सातिशय पुण्य का बंध होता है*
*इतने गुणो तो शास्त्राभ्यास करने से तत्काल ही प्रगट होता है,इसलिये शास्त्राभ्यास अवश्य करना चाहिए.*

- - - - - - - www.jinvaani.org @ Jainism' e-Storehouse.

#Jainism #Jain #Digambara #Nirgrantha #Tirthankara #Adinatha #LordMahavira #MahavirBhagwan #RishabhaDev #Ahinsa

#AcharyaVidyasagar 👏शास्त्र अभ्यास 😊

देखो शास्त्राभ्यास की महिमा! उनका होनेसे जीव परंपरा से आत्मानुभव दशा को प्राप्त होता है,उनसे मोक्षरूप फल की प्राप्ति होती है.अरे ऐ तो दूर की बात रही,शास्त्राभ्यास से तत्काल भी कितना गुण प्रगट होता है:

*(१) क्रोधादि कषायों की तो मंदता होती है*
*(२) पंचेनिद्रियो के विषयों में होनेवाली प्रकुति रोकाती है.*
*(३) अति चंचल मन भी ऐकाग्र होता है.*
*(४) हिंसादि पांच पाप होते नहीं.*
*(५) अल्पज्ञान होते हुए भी त्रिलोक के तीन काल संबंधी चराचर पदार्थो का जानना होता है.*
*(६) हेय उपादेय की ओळख होती है*
*(७) आत्मज्ञान सन्मुख होता है(ज्ञान आत्मसन्मुख होता है)*
*(८) अधिक-अधिक ज्ञान होने से आनंद उतपन्न होता है*
*(९) लोक में महिमा/यश विशेष होता है*
*(१०) सातिशय पुण्य का बंध होता है*
*इतने गुणो तो शास्त्राभ्यास करने से तत्काल ही प्रगट होता है,इसलिये शास्त्राभ्यास अवश्य करना चाहिए.*

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मुनि क्षमासागर जी 🙏🏻

आज जिनवाणी चैनल पर मुनिश्री क्षमासागरजी महाराज के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण प्रातः 09:30 बजे,
दोपहर 1 बजे,
दोपहर 3:30 बजे और
रात्रि 11 बजे किया जायेगा।

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