17.04.2012 ►Samdari ►Great Contribution to Literature by Acharya Mahaprajna ► Acharya Mahashraman

Posted: 18.04.2012
Updated on: 21.07.2015

ShortNews in English

Samdari: 17.04.2012

Acharya Mahaprajna give great contribution to literature. Acharya Mahashraman expressed these views while paying his tribute to Acharya Mahaprajna on his 3rd Mahaprayan day.

         Sadhvi Pramukha Kanak Prabha, Mantri Muni Sumermal, Mukhya Niyojika Sadhvi Vishrut Vibha, Muni Rajendra Kumar, Muni Komal Kumar and Muni Dhanya Kumar also spoke on occasion. Function compeered by Muni Dinesh Kumar.

 

News in Hindi

'आचार्य महाप्रज्ञ का साहित्य को बड़ा योगदान': आचार्य महाश्रमण: मेली गांव
Tuesday, 17 Apr 2012 10:41:52 hrs IST

समदड़ी। जिसमें प्रज्ञा नहीं होती,वह तत्व को समझ नहीं सकता। प्रज्ञा के बिना शास्त्रों के ज्ञान को भी ग्रहण नहीं कर सकता। प्रज्ञा विहीन व्यक्ति के सामने शास्त्रों का भण्डार होने पर भी शास्त्र उसका भला नहीं कर सकते। तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण ने सोमवार को अहिंसा यात्रा के तहत मेली गांव में आचार्य महाप्रज्ञ की तीसरी पुण्य तिथि पर आयोजित कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि युग प्रधान आचार्य महाप्रज्ञ में प्रज्ञा का विकास था। उन्होंने तत्व को समझा ही नहीं बल्कि दूसरों को समझाने का प्रयास भी किया। ज्ञान का उनमें विशेष क्षयोपशम था। विद्या के क्षेत्र में भी वे काफी आगे बढ़े हुए थे। आचार्य महाप्रज्ञ से साहित्य जगत को बहुत बड़ा योगदान मिला। उनके प्रवचन भी साहित्य का रूप ले लेते थे। आयुष्य के संदर्भ में ज्योतिष पर ज्यादा विश्वास नहीं करना चाहिए।

कुण्डली,हस्तरेखा दिखाने में व भविष्य जानने में व्यक्ति को समय नहीं लगाना चाहिए। साध्वी कनकप्रभा ने कहा कि जिस प्रकार सागर की गइराई को नापना असंभव है,उसी प्रकार आचार्य महाप्रज्ञ अमाप्य थे। मंत्री मुनि सुमेरमल ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ उन महापुरूषों में से थे,जो अपने पुरूषार्थ से इतिहास पुरूष के रूप में याद किए जाएंगे। मुख्य नियोजिका साध्वी विश्रुतविभा ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ अतिन्द्रिय क्षमतायुक्त थे। शासन मुनि राजेन्द्रकुमार ने श्रद्धासक्ति भावों की अभिव्यक्ति देते हुए महाप्रज्ञ की जीवन शैली पर प्रकाश डाला। मुनि धन्य कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। मुनि कोमल कुमार ने महाप्रज्ञ को वंदन आज कविता प्रस्तुत की।

मुनि दिनेश कुमार ने ऊं जय महाप्रज्ञ गुरूदेव का भक्तिगीत प्रस्तुत किया। साध्वी व समणी वंृद ने गीत के माध्यम से अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। मेली सरपंच वगताराम चौधरी,कांतिलाल कानाना ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन मुनि दिनेश कुमार ने किया।इससे पूर्व आचार्य महाश्रमण के गांव करमावास से विहार कर मेली पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने जय जयकारों के साथ उनकी अभिवंदना कर स्वागत किया।

प्रस्तुति - संजय मेहता

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